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भूमि संसाधन विभाग जारी करेगा हर प्लॉट के लिए यूएलआईएन

-डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्डस मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम की हुई समीक्षा

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भूमि संसाधन विभाग जारी करेगा हर प्लॉट के लिए यूएलआईएन

भूमि संसाधन विभाग जारी करेगा हर प्लॉट के लिए यूएलआईएन

ग्वालियर। देश के प्रत्येक रहवासी के आधार कार्ड की तरह प्रत्येक भूखंड के लिए भी यूनिक लैंड आइडेंटिफिकेशन नंबर जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह काम भूमि संसाधन विभाग के डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्डस मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के अंतर्गत हो रहा है। यूनिक आईडी के चौदह अंकों का यह नंबर भूखंड के अक्षांश और देशांतर का उपयोग कर आधुनिक तकनीक से होता है। मध्यप्रदेश के आबादी क्षेत्र के लिए यूएलपीआईएन जारी किया जा चुका है। इससे कृषि और खाद्य सहित अन्य विभागों की सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ मिलने में आसानी होगी। यह जानकारी भू संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव सोनमणि बोरा ने दी।


दरअसल,भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव बोरा शुक्रवाार को ग्वालियर आए थे। दो दिन यहां रुककर उन्होंने क्षेत्र भ्रमण किया और अधिकारियों से लैंड रिकॉर्ड की योजनाओं की जानकारी ली। उनके साथ विभाग के तकनीकी अधिकारी मयंक राजपूत भी आए थे। शुक्रवार को जहां उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड को मेंटेन करने के लिए अपनाई जा रही आधुनिक प्रक्रिया का निरीक्षण किया। जबकि शनिवार को उन्होंने डिजिटल इंडिया प्रोग्राम को लेकर बैठक ली। उन्होंने मैप डिजिटाइजेशन और जियो रेफरेसिंग सहित अन्य घटकों की भी समीक्षा की।


यह होगा फायदा
-जियो रेफरेंसिंग का काम पूरा होने के बाद प्लॉट का मैप सहित अन्य जानकारी रजिस्ट्री के साथ ही मिल सकेगी।
-रजिस्ट्री को और सरल बनाने के लिए नेशनल जेनेरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम का क्रियान्वयन भी भूमि संसाधन विभाग कर रहा है