-मां बीमार थी, इसलिए बच्चों को संभालने ले गई थी, दादी के साथ मासूम ने भी हाथों में तोड़ा दम- राजस्थान के सिमरानिया में गमी में गया था अग्रवाल परिवार
ग्वालियर। अग्रवाल परिवार की बहू बीमार रहती थी, बेटा तीमारदारी करता था, इसलिए इनके तीन बच्चों को दादी और मौसी संभालते थे। रिश्तेदार के यहां गमी में जाने के लिए दादी ने सबसे छोटे ढाई साल के बच्चे को मौसी के पास छोड़ा और दो बच्चों पार्थ व दिशा को अपने साथ ले गई। लेकिन रास्ते में अनहोनी हो गई। ट्रक की टक्कर से उनकी कार चपेट में आ गई। चार साल का मासूम पोते पार्थ ने दादी के हाथ में ही दम तोड़ दिया। दादी जयमाला और चाचा प्रियंक की भी मौत हो गई। छह साल की पोती दिशा गंभीर रूप से घायल हो गई।
इस हादसे ने उपनगर ग्वालियर के घासमंडी इलाके में रहने वाले अग्रवाल परिवार पर वज्रपात कर दिया। शनिवार को यहां हादसे की सूचना के बाद माहौल गमगीन हो गया। बताया कि रिश्तेदारी में गमी हो गई थी, इसलिए वहां बैठने के लिए प्रियंक अग्रवाल अपनी मां जयमाला को लेकर जा रहे थे। बड़े बेटे पीयूष अग्रवाल की पत्नी यानी बड़ी बहू बीमार रहती थी। शनिवार को भी वह अस्पताल में थी, इसलिए उसके तीन बच्चों में से दो पार्थ और दिशा को भी अपने साथ कार में ले लिया था।
मौसी का बुरा हाल, बोली- मुझे भांजे से मिलवा लाओ
बच्चों की मां काफी समय से बीमार है, इसलिए उसके बच्चों की देखभाल मौसी कर रही थी। दोपहर को हादसे की खबर से वह बेसुध हो गई। जिन बच्चों को अपने हाथों दुलारती थी उनमें से पार्थ अब दुनिया में नहीं रहा। दिशा घायल थी, उसके पैर में फै्रक्चर होने से भर्ती किया गया था। वह आने-जाने वालों से बार-बार मिन्नत कर रही थी कि मुझे बच्चों के पास ले चलो।
परिजन और आसपास के लोग हादसे से गमगीन थे
हादसे की जानकारी मिलते ही अग्रवाल परिवार के शहर के साथ- साथ आसपास के शहरों से भारी संख्या में रिश्तेदार पहुंच गए। वहीं शाम तक आसपास के मोहल्ले के लोग भी इस दुख में शामिल होने पहुंच गए। हर कोई एक ही बात कह रहा कि भगवान को क्या मंजूर था। सुबह तक तो हम लोगों से मिलकर ही गए थे।