ग्वालियर। जीवाजी यूनिवर्सिटी (जेयू) के परीक्षा और गोपनीय विभाग में हाल ही में उजागर फेल-पास के धंधे में फंसे कुछ एनएसयूआई कार्यकर्ता ने अपने बचाव के लिए मुख्य द्वार पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार इसकी प्लानिंग जेयू के ही एक आला अधिकारी ने की है। दरअसल जेयू कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला के निर्देश पर गोपनीय व परीक्षा विभाग के चार्टों में हुई हेर-फेर मामले की जांच के लिए प्रो.डीडी अग्रवाल की अगुवाई में जांच कमेटी बनाई जिसमें तथ्यों को सही पाया गया। जांच रिपोर्ट शिक्षक शिव प्रताव सिंह राघव और एनएसयूआई छात्र नेता शिवराज सिंह यादव को दोषी पाया गया। कमेटी ने शिक्षक के खिलाफ एफआईआर और छात्र के खिलाफ सेमेस्टर शून्य करने की अनुशंसा की है। इसी के बाद छात्रों के आंदोलन की स्क्रिप्ट लिखी गई।
विवि थाने में दर्ज हैं केस
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता शिवराज सिंह यादव के खिलाफ विवि थाने में दो केस दर्ज हैं। इसी तरह छात्र नेता सचिन द्विवेदी के खिलाफ विवि थाने में 4 और झांसी रोड़ थाने में 1 केस दर्ज है। सचिन पर छात्र नेता विक्की राजावत पर गोली चलाने का आरोप भी है।
प्रशासन से नहीं ली अनुमति
प्रशासन के अधिकारियों केअनुसार एनएसयूआई नेताओं ने भूख हड़ताल की कोई परमिशन नहीं ली है। जल्द छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
आरोपों पर चर्चा गर्म
छात्र नेता अपने ज्ञापन में कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला पर जो आरोप लगाए हैं उनसे जेयू के गलियारों में चर्चा का दौर शुरू हो गया है। चर्चाओं के अनुसार कुछ आला अधिकारी कुलपति की सीट पर काबिज होने का सपना देख रहे हैं।
"छात्रों के आरोप बेबुनियाद हैं। मैंने हड़ताल की सूचना जिला प्रशासन को दे दी है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।"
- प्रो.संगीता शुक्ला, कुलपति, जेयू
"छात्रों ने भूख हड़ताल के लिए हमसे अनुमति नहीं ली है। आप विवि थाने पता कर लीजिए, शायद उनसे अनुमति ली गई हो।"
- शिवराज वर्मा, एडीएम