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क्या आप भी खरीद रहे हैं Cancer की महंगी दवा? रुकिए! सरकार ने इन 17 ड्रग्स पर दी राहत, अभी चेक करें इनके नाम

Cancer Treatment Cost: बजट 2026 में 17 कैंसर दवाओं से कस्टम ड्यूटी हटाई गई। जानिए इससे मरीजों की सेहत, इलाज और रिकवरी पर क्या असर पड़ेगा।

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भारत

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Dimple Yadav

Feb 02, 2026

Cancer Treatment Cost

Cancer Treatment Cost (Photo- gemini ai)

Cancer Treatment Cost: बजट 2026 में सरकार ने कैंसर के इलाज को लेकर जो फैसले लिए हैं, उन्हें अगर हेल्थ एंगल से देखा जाए तो यह एक बहुत बड़ा और जरूरी कदम माना जा सकता है। बजट में कैंसर की 17 जरूरी दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है। इसका सीधा असर मरीजों की सेहत, इलाज की निरंतरता और रिकवरी पर पड़ने वाला है।

कैंसर सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों को कमजोर कर देने वाली स्थिति होती है। सही समय पर इलाज न मिले तो बीमारी तेजी से बढ़ सकती है। लेकिन हकीकत यह है कि कई मरीज दवाओं की ज्यादा कीमत की वजह से इलाज बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। इसका सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ता है और बीमारी और गंभीर हो जाती है।

सस्ती दवाएं और बेहतर इलाज

जब जरूरी कैंसर दवाएं सस्ती होंगी, तो मरीज इलाज को लगातार जारी रख पाएंगे। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इलाज में रुकावट कैंसर के लिए सबसे खतरनाक चीज होती है। कस्टम ड्यूटी हटने से इन दवाओं की कीमत घटेगी, जिससे मरीज समय पर डोज ले पाएंगे और इलाज का पूरा फायदा मिल सकेगा। ये दवाएं खास तौर पर इम्यूनोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और एडवांस्ड कैंसर ट्रीटमेंट में इस्तेमाल होती हैं। ये थेरेपी पारंपरिक कीमोथेरेपी की तुलना में शरीर पर कम साइड इफेक्ट डालती हैं और मरीज की क्वालिटी ऑफ लाइफ को बेहतर बनाए रखती हैं।

अलग-अलग कैंसर में असर

इस फैसले से ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर, ब्लड कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और कुछ दुर्लभ कैंसर से जूझ रहे मरीजों को फायदा मिलेगा। कई मामलों में ये दवाएं मरीज की जिंदगी को लंबा और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। जब इलाज किफायती होगा, तो ज्यादा लोग समय रहते डॉक्टर तक पहुंच सकेंगे।

कस्टम ड्यूटी से मुक्त 17 कैंसर दवाएं

कैंसर की 17 दवाओं के नाम में राइबोसिक्लिब, एबेमेसिक्लिब, टैलीकैबटाजीन ऑटोल्यूसेल, ट्रेमेलिमुमैब, वेनेटोक्लैक्स, सेरिटिनिब, ब्रिगेटिनिब, डारोलुटामाइड, टोरिपालिमैब, सर्पुलिमैब, टिस्लेलिज़ुमैब, इनोटुज़ुमैब ओजोगैमिसिन, पोनाटिनिब, इब्रुटिनिब, डाब्राफेनिब, ट्रैमेटिनिब और इपिलिमैब ये शामिल हैं।