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गायनेकोलॉजिस्ट से लेकर पर्यावरण विशेषज्ञ तक: मेंस्ट्रुअल हाइजीन पर क्या है एक्सपर्ट्स की राय?

Environmental Impact of Period Hygiene Products: मेंस्ट्रुअल हाइजीन प्रोडक्ट्स महिलाओं की सेहत के लिए कितने सुरक्षित हैं और इनका पर्यावरण पर क्या असर पड़ता है? गायनेकोलॉजिस्ट और पर्यावरण विशेषज्ञों की राय के साथ जानिए पैड, टैम्पॉन और अन्य पीरियड प्रोडक्ट्स से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां।

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भारत

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Rashi Sharma

Feb 05, 2026

Environmental Impact of Period Hygiene Products

मेंस्ट्रुअल हाइजीन प्रोडक्ट्स महिलाओं की सेहत के लिए कितने सुरक्षित हैं। (फोटो डिजाइन: notebooklm)

Environmental Impact of Period Hygiene Products: सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति जे.बी. परदीवाला और आर. महादेवन की पीठ ने हाल ही में अपने एक आदेश में मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) को लेकर कहा कि मेंस्ट्रुअल हाइजीन बालिका के जीवन, गरिमा, स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकार का अभिन्न अंग है। देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रत्येक विद्यालय में मुफ्त सैनिटरी नैपकिन, अलग शौचालय और मासिक धर्म स्वास्थ्य जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए। पीठ ने टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि "मासिक धर्म (Menstruation) एक सजा है और इसका अंत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सरकार का यह सकारात्मक दायित्व है कि वह स्वास्थ्य के अधिकार, विशेष रूप से बालिकाओं के मासिक धर्म स्वास्थ्य की रक्षा करे।

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