5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Cancer in Young Adults: यंगस्टर्स भी नहीं हैं सुरक्षित, दिल्ली के पुरुषों में बढ़ रही ये खतरनाक बीमारी!

Cancer in Young Adults: मेट्रो शहरों से बीमारी के मामले में दिल्ली आगे निकली गई है। हवा, तंबाकू और गलत लाइफस्टाइल इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Nidhi Yadav

Feb 05, 2026

gemini

Cancer in Young Adults: दिल्ली में प्रदूषित हवा, तंबाकू का इस्तेमाल और खराब दिनचर्या के कारण पुरुषों में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब दिल्ली मेट्रो शहरों में पुरुषों में कैंसर के मामलों से सबसे आगे है। इस समस्या को ठीक करने के लिए अपनी दिनचर्या में बदलाव लाना बेहद जरूरी है। जामा नेटवर्क ओपन (JAMA Network Open) की एक रिसर्च में भारत भर में कैंसर रजिस्ट्रियों के डेटा की जांच हुई।

जांच में सामने आया कि दिल्ली में कुल कैंसर रेट बाकी मेट्रो शहरों से ज्यादा है। खासकर पुरुषों में यहां हर 1 लाख लोगों में 146 कैंसर के मरीज हैं। डॉक्टरों के अनुसार यह सिर्फ बेहतर जांच की वजह से नहीं है, बल्कि सच में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। शहरों की लाइफस्टाइल और पर्यावरण चेंज होने से खासकर राजधानी में रहने वाले पुरुषों में कैंसर का बर्डन बढ़ रहा है।

क्यों बढ़ रहा है कैंसर?

  1. दिल्ली की खराब हवा फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे फेफड़ों का कैंसर हो सकता है।
  2. सिगरेट, बीड़ी और गुटखा मुंह और फेफड़ों के कैंसर का बड़ा कारण हैं।
  3. कम चलना-फिरना, बाहर का ज्यादा खाना भी कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
  4. जो लोग तंबाकू का सेवन नहीं करते वो भी प्रदूषण की वजह से कैंसर की चपेट में आ सकते हैं।

पुरुषों में सबसे कॉमन कैंसर


फेफड़ों का कैंसर - प्रदूषित हवा और तंबाकू से गहराई से जुड़ा हुआ।
ओरल कैंसर - ज्यादातर तंबाकू चबाने से होता है।
प्रोस्टेट कैंसर - उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा होता है।

कैंसर की बिमारी पहले से ज्यादा दिखाई दे रही है, खासकर शहरों में जहां हवा खराब है और धूम्रपान जैसी आदतें कॉमन हैं।

युवा भी कर रहे सामना


आजकल युवा भी कैंसर जैसी बिमारीयों का सामना कर रहे हैं। पहले बुजुर्गों में ज्यादा देखा जाता था, लेकिन अब डॉक्टर कम उम्र के लोगों में भी यह बीमारी ज्यादा देख रहे है। इसका कारण है कैंसर बीमारी का देर से पता चलना। कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं या लगातार खांसी और थकान को प्रदूषण या तनाव समझ लेते हैं, इसलिए समय पर जांच नहीं कराते। अगर बीमारी की पहचान जल्दी हो जाए तो इलाज जल्दी हो सकता है, लेकिन नियमित जांच कम होने की वजह से ज्यादातर मामलों का पता तब चलता है जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है।

क्या किया जा सकता है?


डॉक्टरों के अनुसार, इस बढ़ती बीमारी से निपटने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं-

  1. धूम्रपान और तंबाकू छोड़ने से कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
  2. साफ हवा और प्रदूषण कम करने से फेफड़ों के कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
  3. बैलेन्स्ड खाना और रेग्युलर एक्सरसाइज से शरीर फिट रहता है और स्वास्थ्य बेहतर होता है।
  4. समय-समय पर जांच कराए, रेग्युलर चैकअप से कैंसर जल्दी पकड़ा जा सकता है।