
World Cancer Day (Photo Source- freepik)
World Cancer Day 2026: कैंसर का नाम सुनते ही आज भी लोगों के मन में डर बैठ जाता है, लेकिन यह बीमारी अब हमेशा जीवन का अंत नहीं होती। समय पर पहचान, सही चिकित्सकीय सलाह और मजबूत इच्छाशक्ति से कैंसर को भी हराया जा सकता है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 1368 कैंसर मरीज चिन्हित किए गए हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक है।
कुल मरीजों में से 56.50 प्रतिशत यानी 772 महिलाएं कैंसर से पाड़ित पाई गई हैं, जबकि 43.50 प्रतिशत यानी 596 पुरुष इस गंभीर बीमारी की चपेट में आए। महिलाओं में स्तन और गर्भाशय कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं, जबकि पुरुषों में मुख कैंसर तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है।
उंचेहरा निवासी ओम पेशे से अधिवक्ता हैं। वर्ष 2017 में 60 वर्ष की उम्र में उन्हें जीभ में छाले की शिकायत हुई। जांच में मुख (जीभ) के कैंसर की पुष्टि हुई। इसके बाद परिजन उन्हें टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई ले गए, जहां सफल ऑपरेशन और उपचार किया गया। कुछ समय इलाज चलने के बाद वे पूरी तरह स्वस्थ हो गए।
वर्तमान में उन्हें किसी प्रकार का नियमित इलाज नहीं चल रहा, केवल समय-समय पर जांच कराई जाती है। परिवार पर दुखों का दूसरा दौर वर्ष 2023 में आया, जब उनकी पत्नी रेखा के स्तन में गठान दिखाई दी। जांच में स्तन कैंसर की पुष्टि हुई। उनका भी इलाज टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई में कराया गया, जहां ऑपरेशन हुआ। वर्तमान में वे स्वस्थ हैं।
राजेन्द्र नगर निवासी गीता वर्मा 47 वर्ष ने भी स्तन कैंसर की जंग जीत ली है। करीब चार वर्ष पहले स्तन में गठान दिखने पर डॉटर से परामर्श लिया गया। जांच रिपोर्ट में कैंसर की पुष्टि हुई। उनके पुत्र सुनील ने बताया कि प्रारंभिक जांच जबलपुर में कराई गई, इसके बाद टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई में इलाज कराया गया।
जिला चिकित्सालय सतना के कीमो प्रभारी डॉ आलोक खन्ना ने बताया कि इस क्षेत्र में पुरुषों में मुख कैंसर और महिलाओं में स्तन कैंसर के मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक देखी जा रही है। महिलाओं में स्तन कैंसर का प्रमुख कारण हार्मोनल असंतुलन माना जाता है, वहीं गर्भाशय कैंसर का संबंध ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण से है, जो कई बार कम उम्र में ही हो जाता है। पुरुषों में मुख कैंसर के लिए तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान सबसे बड़ा जोखिम कारक है। बढ़ता वायु प्रदूषण फेफड़ों के कैंसर को बढ़ावा दे रहा है, जबकि अनियमित खानपान, जंक फूड और प्लास्टिक के बर्तनों में गर्म भोजन करने से पेट और आंतों के कैंसर की आशंका बढ़ जाती है।
शरीर में कहीं भी असामान्य गांठ, लंबे समय तक न भरने वाला घाव, मुंह के अंदर सफेद या लाल धब्बे, बार-बार खून आना, खून की उल्टी या महिलाओं में मासिक धर्म के अलावा रतस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से कैंसर को नियंत्रित किया जा सकता है।
जिला अस्पताल में सर्जरी विभाग में हर साल औसतन 300 से 400 कैंसर मरीज इलाज व परामर्श के लिए पहुंचते हैं। इसका अर्थ है कि हर माह 30 से 35 ऐसे मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनमें कैंसर की पुष्टि पहले ही हो चुकी होती है। रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2021 में 252, 2022 में 386, 2023 में 410, 2024 में 436 और 2025 में 440 कैंसर मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। जिले में कैंसर का बोझ बढ़ रहा है।
Updated on:
04 Feb 2026 04:36 pm
Published on:
04 Feb 2026 04:36 pm
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