
पॉश कॉलोनी डीडी नगर में चल रहा था सेक्स रैकेट,पॉश कॉलोनी डीडी नगर में चल रहा था सेक्स रैकेट,पॉश कॉलोनी डीडी नगर में चल रहा था सेक्स रैकेट
ग्वालियर। डीडी नगर कॉलोनी में सेक्स का कारोबार पकडा गया है। कारोबार की मास्टर माइंड अपने मकान में कारोबार चला रही थी। उसकी एजेंट आर्डर पर ग्राहकों के लिए युवतियों का इंतजाम करती थी। रविवार को पुलिस ने मुखबिर को ग्राहक बनाकर अडडे पर भेजा सौदा तय होने पर उसका इशारा मिलने पर दविश दी तो घर के अंदर नगर निगम का बाबू सहित चार ग्राहक युवतियों के साथ मौजूद थे। सभी को उठाकर पुलिस थाने ले आई।सेक्स कारोबारियों ने खुलासा किया करीब 6 महीने से कॉलोनी में अड्डा जमाया था।
सीएसपी रवि भदौरिया ने बताया सेक्स का धंधा दीनदयाल नगर के जीएल सेक्टर में मकान नंबर 1545 में ममता पवैया और उसका गैंग चला रहा था। गिरोह में उसके अलावा मुकेश और मुरार की आरती जाटव सक्रिय थे। मुकेश का काम ग्राहक और युवतियों की निगरानी करना था। जबकि आरती ग्राहकों की डिमांड पर युवतियों को ठिकाने तक लाती थी। इसके एवज में सबका हिस्सा तय था। कई दिन से कॉलोनी वाले कारोबार के बारे में बता रहे थे। रविवार को सेक्स के अडडे पर मुखबिर को ग्राहक बनाकर भेजा। सौदा तय होने पर उसे इशारा कर दिया तो दविश दी। घर के अंदर चार युवतियों के साथ ग्राहक आपत्तीजनक हालत में पकडे गए।
56 साल का बाबू 27 साल की युवती के साथ धरा
पुलिस ने बताया अय्याशी करते रंगे हाथ जावेद पुत्र अकबर खां निवासी मेवाती मौहल्ला, दीपक पुत्र मोहन बंसल तिकोनिया मुरार, डीके राजपूत पुत्र ओमकार निवासी आनंद नगर के सहित 56 का खेमचंद पुत्र लालदास साहू निवासी सतीनगर लक्ष्मीगंज भी पकडा गया। खेमचंद नगरनिगम के ढोलीबुआ का पुल वर्कशाप पर बाबू है। दविश में उसे 27 साल की युवती के साथ पकडा गया। पुलिस का कहना है कि खेमचंद के बहू बेटे और नाती भी हैं।पकडे जाने पर खेमचंद पहली बार सेक्स के अडडे पर आना बता रहा है। उसके साथ नगरनिगम में ठेकेदारी करने वाला डीके राजपूत भी धरा गया है। दोनों एक साथ अडडे पर आए थे।
निगरानी की पगार 500, जगह का कमीशन 100 रुपया
आरोपी मनीष शाक्य ने बताया कि धंधे की मास्टरमाइंड ममता पवेया है। इस धंधे को शुरु करने से पहले ममता के साथ टॉपी के रैपर छापने वाले कारखाने में काम करता था। तमाम मेहनत के बावजूद पगार से गुजारा नहीं चलता था। इसलिए ममता के साथ मिलकर सेक्स का धंधा जमाया। इसमें सिर्फ निगरानी करने के एवज में 500 रुपया रोज मिलता था। ममता को जगह मुहैया कराने के लिए बुकिंग पर आई युवती 100 रु देती थी।
55 साल की एजेंट लाती थी फंसाती थी जरुरतमंद युवतियां
धंधे की एजेंट 55 साल आरती जाटव निवासी चिकवाला संतर मुरार है। आरोपी मनीष के मुताबिक आरती ही लड़कियों का इंतजाम करती थी। वह ऐसे घर को तलाशती थी जिन्हें पैसे की जरुरत है और उनमें युवतियां हैं। उन्हें मोटा पैसा कमाने का लालच देकर ममता के ठिकाने पर लाती थी। एक ग्राहक से करीब एक हजार से डेढ हजार के बीच में सौदा होता था। दिन भर में 10 ग्राहक तक आते थे।
Published on:
02 Mar 2020 01:31 am
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