प्रदेश के कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत छात्रों को फिल्टर पानी पीने मिले, जिससे उनकी सेहत अच्छी रहे। लेकिन कुछ कालेज अभी भी बिना फिल्टर वाला पानी उपलब्ध करा रहे हैं। जिससे स्टूडेंट्स को मजबूर सादा पानी पीना पड़ रहा है।
ग्वालियर. प्रदेश के कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत छात्रों को फिल्टर पानी पीने मिले, जिससे उनकी सेहत अच्छी रहे। लेकिन कुछ कालेज अभी भी बिना फिल्टर वाला पानी उपलब्ध करा रहे हैं। जिससे स्टूडेंट्स को मजबूर सादा पानी पीना पड़ रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा छात्रों की सुविधा को देखते हुए फिल्टर पानी की व्यवस्था का सिस्टम लगवाए जाने की कई बार मांग की है। ऐसा ही एक यूनिवर्सिटी है राजा मानसिंह तोमर आर्ट एंड म्यूजिक। जिसमें छात्रों की सेहत से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। कॉलेज में अध्ययनरत छात्रों को बिना फिल्टर वाला ही पानी पीना पड़ रहा है। प्रबंधन ने कालेजों में वाटर फिल्टर तो लगाए हैं। लेकिन वे हमेशा चालू नहीं रहते।
मेंटेनेंस का अभाव
कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रों के हित को देखते हुए आरओ सिस्टम और फिल्टर पानी की व्यवस्था कराई गई थी। लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में कुछ माह बाद ही फिल्टर पानी का सिस्टम खराब हो गया। इसी के साथ ही आरओ सिस्टम भी आए दिन खराब रहता है। ऐसे में पानी की टंकी को डायरेक्ट मोटर चलाकर भर दिया जाता है। जिससे छात्रों को बिना फिल्टर पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
खाली पड़ती रहती हैं पानी की टंकी
कालेज में कभी-कभी तो पानी की टंकी भी नहीं भरी जाती है। जिस कारण कॉलेज में अध्ययनरत छात्रों को पीने के पानी के लिए भी परेशान होना पड़ता है। अहम बात तो यह है कि इस संबंध में छात्रों द्वारा कॉलेज प्रबंधन से गुहार लगाई जाती है तो कॉलेज प्रबंधन हर बार ही आश्वासन देकर औपचारिकता पूरी कर लेता है।
- कॉलेज परिसर में लगा आरओ आए दिन बंद हो जाता है, साथ ही फिल्टर पानी के तो कोई इंतजाम ही नहीं है। छात्रों के हित को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कॉलेज प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही के चलते ही मजबूरी में बिना फिल्टर वाला पानी पीना पड़ रहा है।
लोकेन्द्र यादव, अध्यक्ष, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद