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कोर्ट उम्मीद करता है कि पूरी जांच पर एसपी बारीकी से निगाह रखेंगे

डबरा थाने में बलात्कार पीडि़ता को दो दिन तक बंधक बनाकर आरोपी के पक्ष में बयान दिलाने का मामला- सब इंस्पेक्टर सुमन पालिया को एसपी ने दोषी माना है

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कोर्ट उम्मीद करता है कि पूरी जांच पर एसपी बारीकी से निगाह रखेंगे

कोर्ट उम्मीद करता है कि पूरी जांच पर एसपी बारीकी से निगाह रखेंगे

ग्वालियर. हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उस याचिका का निराकरण कर दिया, जिसमें डबरा की तत्कालीन सब इंस्पेक्टर सुमन पालिया पर बलात्कार पीडि़ता ने अवैध रूप से बंधक बनाने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने कहा कि इसमें महिला पुलिस अधिकार की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की निगरानी में जांच की गई। एसआइ को दोषी मानते हुए विभागीय जांच की जा रही है। ऐसी उम्मीद की जाती है कि मामले की निष्पक्ष जांच पूरी की जाएगी। एसपी भी बारीकी से निगाह रखेंगे।
दरअसल एक बलात्कार पीडि़ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केस की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उसका तर्क था कि डबरा थाने में पदस्थ एसआइ सुमन पालिया ने दो दिनों तक थाने में बंधक बनाकर रखा और आरोपी के पक्ष में बयान देने का दबाव बनाया गया। दो दिन बाद जब थाने से छूटी तो एसपी के पास पहुंची। केस डायरी डबरा से ग्वालियर आ गई। महिला पुलिस थाना भी सही से जांच नहीं कर रहा है। जिम्मेदार पुलिस अधिकारी को बचाया जा रहा है। कोर्ट ने इस मामले में सख्ती दिखाई। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच की। डबरा थाने के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की। सुमन पालिया को पूरे मामले में दोषी माना। सुमन पालिया के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने एसपी को निर्देश देते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।