
मोक्ष व बंधन में इंसान को बांधता है मन
ग्वालियर. मन ही है जो मोक्ष व बंधन में व्यक्ति को बांधता है। मनुष्य अगर ईश्वर की शरण में चला जाता है तो उसे मोक्ष मिलता है और अगर सांसारिक मोह माया में उलझ जाता है तो बंधन में बंध जाता है। यह विचार पारस विहार कॉलोनी में चमत्कारी हनुमान मंदिर में चल रही रामकथा के तीसरे दिन शनिवार को पं.भगवत स्वरूप शास्त्री ने व्यक्त किए। शास्त्री ने कहा कि अधर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो लेकिन धर्म के मार्ग पर चलने वाले के आगे अधिक समय तक नहीं टिक सकता। इसके साथ ही उन्होंने भगवान श्रीराम जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब अयोध्या में भगवान श्रीराम का जन्म होने वाला था तब समस्त अयोध्या नगरी में शुभ शकुन होने लगे। भगवान राम का जन्म होने पर अयोध्या नगरी में खुशी का माहौल हो गया। चारों ओर मंगल गान होने लगे। इस मौके पर महापौर डॉ.शोभा सिकरवार, भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशोक शर्मा, स्टेट बार काउंसिल के सदस्य जयप्रकाश मिश्रा, राजकुमार पांडे, कपिल भार्गव, राकेश नायक आदि मौजूद रहे।
जीवन में विपत्तियां आने पर धैर्य रखें
कथा व्यास ने कहा कि जिस व्यक्ति के जीवन में विपत्तियां आ रही हैं, वो व्यक्ति धैर्य रखें। क्योंकि अब उनके अच्छे दिन आने वाले हैं। कोई व्यक्ति कितना भी बड़ा या फिर छोटा हो। हर व्यक्ति के जीवन में एक बार विपत्तियां आती हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के जीवन में भी विपत्तियां आई थीं। उन्हें भी अपने जीवन में 14 साल तक वनवास भोगा है। इसलिए व्यक्तियों को विपत्तियों से घबराना नहीं है, बल्कि उनका डटकर सामना करना है। विपत्तियों को बड़ा समझोगे तो वे आप पर हावी होंगी, लेकिन उनका धैर्य से सामना करोगे तो विपत्तियों में भी सुख की अनुभूति होगी।
Published on:
21 Jan 2023 10:13 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
