-सवारियां बोलीं-शराब पिये था स्टाफ
श्योपुर। दोपहर करीब ढाई बजे कराहल के गोरस गांव से दो किलोमीटर पहले ग्वालियर से श्योपुर आ रही बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस में सवार करीब 45 सवारियोंं में से 20 से ज्यादा चोटिल हुए हैं। मौके पर पहुंचे प्रशासन के सिद्धार्थ गौतम ने सवारियों की मदद की। करीब पौन घंटे बाद 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। तब तक अधिकतर घायल और सवारियां किसी न किसी साधन से जा चुके थे। पुलिस का स्टाफ भी काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंचा था। सड़क किनारे कराह रहे लोगों का कहना था कि बस का स्टाफ शराब के नशे में था। कुछ लोग पोहरी उतर गए थे। जबकि ड्राइवर अनियंत्रित गति से बस को भगा रहा था। गोरस से पहले खुली सड़क पर अचानक बस दाहिनी ओर घूमी और किनारे पड़े बड़े पत्थर से टकराकर मिट्टी मेंं पहिया धंस गए। अगर मिट्टी न होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्वालियर से इलाज कराकर वापस लौट रही एक महिला की हालत बिगडऩे पर अस्पताल लाया गया, बाकी सभी को प्राथमिक उपचार के बाद जाने दिया गया।
बस से आए प्रियांशु, अंकित, गब्बर, दुर्गाशंकर आदि ने बताया कि सवारियों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े दस बजे बस कंपू ग्वालियर से रवाना हुई थी। हाइवे पर आने के बाद से ही बस के ड्राइवर ने स्पीड बड़ा दी थी। मोहना से पोहरी रोड पर आने के बाद सिंगल रोड पर भी बस ड्राइवर लापरवाही से वाहन चलाता रहा। बैराड़ में लोगों ने टोका भी लेकिन उसने मनमानी जारी रखी। इस बीच पोहरी में बस के साथ आया कुछ स्टाफ उतर गया। कराहल निकलने के बाद बस मे ंक्लीनर भी मौजूद नहीं था और फिर अचानक बस अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई। दुर्घटना को लेकर जब पत्रिका ने बस ड्राइवर से पूछताछ की कोशिश की तो वह मोबाइल कान से लगाकर जंगल की ओर निकल गया।
यह बोले यात्री
-घायल सुल्तान सिंह का कहना था कि वे अपनी बेटी का इलाज कराने के लिए पड़ाव स्थित निजी अस्पताल में गए थे। बेटी की छुट्टी हुई तो बस से वापस आ रहे थे। स्टाफ नशे में था। अचानक बस उतर गई और हम घायल हो गए। बेटी की हालत फिर से बिगड़ गई।