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हाल ए जेएएच…जर्जर भवन में ब्लड बैंक, छत से गिरता प्लास्टर, मरीजों की सुरक्षा खतरे में

अंचल के साथ दूसरे राज्यों के भी आते हैं मरीज

ग्वालियर . अंचल का सबसे बड़ा जेएएच अस्पताल में ब्लड बैंक की हालत बेहद खराब हो चुकी है। जर्जर भवन होने के कारण यहां आने वाले मरीजों को भी अब डर ही लगा रहता है। भवन की स्थिति इतनी खराब है कि कई जगहों से छत और दीवारों का प्लास्टर गिरने लगा है। यह ब्लड बैंक न केवल ग्वालियर बल्कि आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी मरीजों को रक्त प्रदान करता है। हर दिन यहां बड़ी संख्या में लोग रक्त प्राप्त करने या रक्तदान के लिए आते हैं। ऐसे में जर्जर हालत में चल रहे ब्लड बैंक की स्थिति चिंताजनक है। छत से गिरता प्लास्टर और दीवारों के टूटते हिस्से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। लेकिन सिस्टम की लापरवाही और बजट की कमी के कारण इसकी हालत बदहाल हो चुकी है। ब्लड बैंक की शिफ्टिंग और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की स्थापना का प्रोजेक्ट लंबे समय से बजट के फेर फाइलों में अटका है। कॉलेज प्रबंधन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से सात करोड़ रुपये की मांग की है, लेकिन फंड स्वीकृति न मिलने से काम शुरू नहीं हो पा रहा।

हर दिन सौ यूनिट ब्लड दिया जाता है

इस ब्लड बैंक से जेएएच परिसर के अलावा दूसरे निजी अस्पतालों तक ब्लड़ दिया जाता है। लगभग हर दिन सौ यूनिट ब्लड़ यहां से दिया जाता है। उसके बदले में सिर्फ पचास यूनिट ही ब्लड़ यहां पर मिलता है। इसके बावजूद भी मरीजों की पूर्ति यहां से हो रही है। वहीं रक्त से प्लेटलेट्स, आरबीसी, प्लाज्मा और अन्य घटक अलग कर जरूरत के अनुसार मरीजों को उपलब्ध कराए जाते हैं। कैंसर, एक्सीडेंटल और थैलेसीमिया के मरीजों को नि:शुल्क रक्त दिया जाता है।

क्या होता ट्रांसफ्यूजन विभाग

ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में रक्त और रक्त घटकों के सुरक्षित संग्रह, जांच, भंडारण और मरीज को चढ़ाने की पूरी प्रक्रिया संभालता है। यह सामान्य ब्लड बैंक से अधिक उन्नत और व्यवस्थित व्यवस्था होती है। इस विभाग में रक्तदाताओं से रक्त संग्रह किया जाता है, फिर उसकी एचआईवी, हेपेटाइटिस, मलेरिया जैसी बीमारियों की जांच की जाती है। एक यूनिट रक्त से अलग-अलग घटक जैसे आरबीसी, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा तैयार किए जाते हैं। यह विभाग एक्सीडेंट, प्रसूति, कैंसर, थैलेसीमिया और बड़ी सर्जरी के मरीजों को आपातकालीन रक्त उपलब्ध कराता है।

इनका कहना है

ब्लड बैंक को दूसरे भवन में शिफ्ट करने के प्रयास किए जा रहे है। इसके लिए बजट का इंतजार है। ब्लड बैंक व ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के लिए एनएचएम को पत्र लिखा हैं जिसके माध्यम से 7 करोड़ रुपए का बजट रिलीज जल्द करने की डिमांड की गई है। बजट आने के बाद ब्लड बैंक को खाली हुए कैंसर वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
डॉ. आरकेएस धाकड़, डीन जीआरएमसी