-काले बादलों से दिन में भी छा गया अंधेरा-बारिश ने तोड़ा सात साल का रिकॉर्ड-गुजरात से लेकर पंजाब तक बनी है टर्फ लाइन
ग्वालियर। अक्टूबर महीने में आमतौर पर बारिश कम ही होती है। इसका कारण यह है कि सितंबर में मानसून की विदाई हो जाती है लेकिन इस बार अक्टूबर में भी मौसम मेहरवान हो गया है। अक्टूबर में सावन जैसी बारिश हो रही है। अक्टूबर माह में पिछले सात सालों में ऐसा मौका पहली बार आया है जब अच्छी बारिश हुई है। हालात यह हो गए हैं कि चार दिन से बारिश हर दिन हो रही है। वहीं अभी भी बारिश की संभावना बनी हुई है। बीते दिन का तापमान .6 और रात का .8 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि गुजरात और उसके आसपास के इलाके में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इससे गुजरात से लेकर पंजाब तक एक टर्फ लाइन बनी हुई है। इन कारणों से बारिश का दौर बना हुआ है। वहीं अभी एक दो दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 27.6 और न्यूनतम 22.8 डिग्री दर्ज किया गया।
दिन में अंधेरे के चलते जलना पड़ी लाइट
शहर में सुबह से ही घने बादल छाए रहे। इसका असर दोपहर में देखने को मिला। दोपहर दो बजे के आसपास काली घटाएं छा गईं। इसके चलते लोगों को दिन में ही वाहनों की लाइटें जलाकर सफर करना पड़ा। वहीं शाम होते- होते कई बार शहर के अलग- अलग क्षेत्रों में यही स्थिति बनी रही।
इन जिलों में हो सकती है बारिश
ग्वालियर, दतिया, श्योपुरकलां, भिंड, मुरैना, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, आगर, राजगढ़, देवास, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, झाबुआ, खरगोन, जबलपुर, रीवा, सीधी, सतना, पन्ना, छतरपुर, सागर में बारिश के आसार हैं।
यहां पर है बारिश का अलर्ट
9 अक्टूबर: ग्वालियर, बुंदेलखंड, बघेलखंड और नर्मदापुरम।
9 से 12 अक्टूबर तक: भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर, बघेलखंड, इंदौर और महाकौशल।
12 से 15 अक्टूबर तक: बुंदेलखंड, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, बैतूल, खंडवा में कहीं-कहीं हल्की से तेज बारिश।
15 और 18 अक्टूबर तक: गुना, अनूपपुर, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर और छिंदवाड़ा।
18 से 21 अक्टूबर तक: बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, निवाड़ी, छतरपुर और दमोह।
21 से 24 अक्टूबर तक: बालाघाट, ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर कलां, विदिशा में कहीं-कहीं।