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गाइड लाइन बनाने 15 दिन देर से चल रहा काम, फरवरी में आचार संहिता लगती है तो जुलाई में लागू हो सकेगी

कलेक्टर गाइड लाइन बनाने का कार्य 15 दिन देर से चल रहा है। 15 जनवरी तक उप मूल्यांकन समिति को गाइड लाइन पर चर्चा के बाद केंद्रीय समिति को भेजना था, लेकिन अबतक गाइड लाइन का ड्राफ्ट तैयार नहीं हो सका है। इस देर के कारण गाइड लाइन समय पर लागू होन की संभावना नहीं है। क्योंकि फरवरी में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने की संभावना है।

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गाइड लाइन बनाने 15 दिन देर से चल रहा काम, फरवरी में आचार संहिता लगती है तो जुलाई में लागू हो सकेगी

गाइड लाइन बनाने 15 दिन देर से चल रहा काम, फरवरी में आचार संहिता लगती है तो जुलाई में लागू हो सकेगी

इसके चलते गाइड लाइन लागू नहीं हो सकती है। 2019 में आचार संहिता लगने की वजह से जुलार्ई में गाइड लाइन लागू हुई थी। पंजीयन महानिरीक्षक कार्यालय ने वित्त वर्ष की समाप्ति को लेकर गाइड लाइन का तारीखें निर्धारित की थी। 15 जनवरी तक उप जिला मूल्यांकन समिति द्वारा रेट निर्धारित कर प्रस्ताव जिला मू्ल्यांकन समिति को भेजना है। जिला मूल्यांकन समिति को 30 जनवरी तक गाइड लाइन की अंतिम सूचना जारी कर आम लोगों से दावे आपत्तियां मांग कर उन पर विचार किया जाए। 15 फरवरी तक केंद्रीय मूल्यांकन समिति से अनुमोदन कराना होगा। इस गाइड लाइन के हिसाब से निर्धारण किया जाना है। गाइड लाइन को लेकर दो बैठकें हो चुकी है, लेकिन नई लोकेशन, गाइड लाइन की विसंगति, बढ़ोतरी के लिए राजस्व विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से रिपोर्ट नहीं मिल सकी। सिर्फ रिपोर्ट मंगाने पर चर्चा हो सकी है। उप पंजीयक कैलाश वर्मा का कहना है कि समय पर गाइड लाइन बनाने का प्रयास है।

इसलिए जरूरी है रिपोर्ट