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प्लानिंग, स्ट्रेटजी और विजन के साथ वर्क

मुंबई में कई प्रोडक्शन हाउस हैं, जो सीरियल एवं फिल्में तैयार करते हैं, तो कई समय के साथ कहीं गुम भी हो गए। वे इसलिए क्योंकि उन्होंने सीरियल बनाने की क्वांटिटी पर फोकस किया किसी एक सीरियल की क्वालिटी पर नहीं।

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rishi jaiswal

Nov 25, 2016

interview

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ग्वालियर.
मुंबई में कई प्रोडक्शन हाउस हैं, जो सीरियल एवं फिल्में तैयार करते हैं, तो कई समय के साथ कहीं गुम भी हो गए। वे इसलिए क्योंकि उन्होंने सीरियल बनाने की क्वांटिटी पर फोकस किया किसी एक सीरियल की क्वालिटी पर नहीं। बालाजी प्रोडक्शन हाउस ने हमेशा चैनल को बेस्ट से बेस्ट क्वालिटी दी। अपने तय बजट से अधिक इन्वेस्टमेंट किया। यही कारण है कि हर चैनल उसे हाथों हाथ लेता है। यह कहना है बालाजी प्रोडक्शन हाउस के प्रोडक्शन हेड राम अग्निहोत्री का। वह जोधा अकबर में मोतीबाई का रोल प्ले कर चुकी अंकिता चौधरी की शादी में ग्वालियर आए हैं। राम अग्निहोत्री जोधा अकबर, अशोका, वीर शिवाजी, महादेव, शोभा सोमनाथ सहित कई सीरियल लांच कर चुके हैं व राज की एक बात, नागिन आदि सीरियल में टाइटल सांग दे चुके हैं।

प्रोडक्शन हाउस को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?

कई बार चैनल के अकॉर्डिंग प्रोडक्शन हाउस शो तैयार नहीं कर पाते, तो चैनल उसे उठाकर दूसरे हाउस को दे देते हैं। इससे हाउसेज का काफी लॉस होता है, लेकिन बालाजी के साथ एेसा कभी नहीं हुआ। क्योंकि हम प्लानिंग, स्ट्रेटजी और विजन के साथ काम करते हैं।

सीरियल बनाने से पहले ऑडियंस की पसंद को कैसे समझते हैं?

हमारे पास मार्केटिंग टीम होती है, जो मार्केट में सर्वे करती है। दर्शकों से उनकी डिमांड पूछती है। वह किस सीरियल को पसंद करते हैं और क्यों। उनकी पसंद के अनुसार ही सीरियल की स्क्रिप्ट तैयार की जाती है। साथ ही समय के साथ चेंजेज लाए जाते हैं।

सीरियल के बीच में लीड कैरेक्टर के साथ छोडऩे पर कैसे मैनेज करते हैं?

एेसा बमुश्किल ही होता है? फिर भी हमें विकल्प तलाशकर रखना पड़ता है। सीरियल के कई एपिसोड पहले से ही कम्प्लीट हो चुके होते हैं। इसलिए हमें कैरेक्टर के सर्चिंग के लिए समय मिल जाता है। टास्क फोर्स रखेगा गल्र्स की सुरक्षा पर नजर