ओटू हैड से राजस्थान के लिए 25000 क्यूसेक पानी प्रवाहित, हनुमानगढ़ में करीब छह घंटे बाद नजर आएगा असर
– नदी में पानी की भारी आवक को देखते हुए अब इंदिरागांधी नहर में प्रवाहित करने प्लानिंग
हनुमानगढ़. जिले में घग्घर नदी में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। ओटू हैड से लगातार राजस्थान क्षेत्र के लिए पानी की मात्रा को बढ़ाया जा रहा है। इसका असर शनिवार सुबह तक देखने को मिलेगा। नदी में लगातार बढ़ रहे पानी के कारण जिले में बाढ़ का खतरा कम नहीं हो रहा है।
टिब्बी तहसील के पास घग्घर नदी हरियाणा से राजस्थान में प्रवेश करती है। नदी के गुल्लाचिका हेड पर शनिवार को 55999 क्यूसेक पानी चल रहा था। ओटू हेड से राजस्थान के लिए 25000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो जल्द राजस्थान में प्रवेश करेगा। सरकारी तंत्र की मानें तो अधिकतम 18 हजार पानी का प्रबंधन करने का सिस्टम राजस्थान के पास है।
जिले में बाढ़ की आशंका के चलते ओबीसी वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष पवन गोदारा ने शनिवार को जिले के संभावित प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। गोदारा ने इंदिरागांधी नहर की आरडी 629 पर बने घग्घर साइफन पर जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी ली। राज्य मंत्री ने प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से आईजीएनपी में घग्घर नदी से पानी छोड़े जाने की संभावना पर भी चर्चा की, जिस पर अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। कंट्रोल रूम की व्यवस्थाएं भी जांची। इस दौरान टिब्बी पंचायत समिति प्रधान निक्कूराम, हनुमानगढ़ पंचायत समिति के पूर्व उपप्रधान राजेंद्र प्रसाद, पार्षद मनोज सैनी, पीसीसी सदस्य प्रेमराज नायक, टिब्बी पंचायत समिति के सदस्य कृष्ण भाट व गुरप्रीत सिंह, वकील सिंह, मनदीप सहारण, रोहिताश चाहर, लोकेश चाहर मौजूद रहे।
जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग, जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा आदि ने शनिवार को घग्घर के प्रमुख हैडों का निरीक्षण किया। इन अफसरों के नेतृत्व में पूरा प्रशासन बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए घग्घर बहाव क्षेत्र में सक्रिय रहा। जिला कलक्टर रुक्मणि रियार और पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने जीडीसी के जीरो आरडी पर बने हेड का निरीक्षण किया।