जिले में 7000 कृषकों को मिलेंगें सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र
-चालू वर्ष के लिए सोलर पम्प स्थापना के लिए 21 कंपनियां अधिकृत
हनुमानगढ़. पीएम कुसुम योजना के तहत जिले के 7000 कृषकों को सौर ऊर्जा पंप संयंत्र स्थापित करने के लिए अनुदान मिलेगा। उद्यान विभाग को अनुदान पर खेत में सौर ऊर्जा पम्प स्थापना पर वित्तीय वर्ष 2023-24 को लेकर निर्देश व लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। सोलर पम्प स्थापना के लिए 21 कंपनियां व फर्मस अनुमोदित की गई है। इस वर्ष तीन व पांच एचपी सोलर संयंत्र पर अनुदान का प्रावधान नहीं है। केवल 7.5 एचपी डीसी पम्प पर तथा 10 एचपी डीसी/एसी पम्प पर ही अनुदान देय है। 60 प्रतिशत अनुदान उपरान्त 7.5 एचपी डीसी पंप पर 214638 रुपए तथा 10 एचपी डीसी और एसी पंप पर 342555 रुपए की राशि कृषक द्वारा वहन की जाएगी। कृषक के पास न्यूनतम सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना के लिए 0.4 हैक्टेयर भूमि आवश्यक है। उद्यान विभाग से साहबराम गोदारा उप निदेशक उद्यान ने बताया कि जिन कृषकों ने पूर्व में 3 व 5 एचपी एसी/डीसी संयंत्र के लिए पत्रावली ऑनलाइन करवा रखी है परन्तु वह कृषक 7.5 अथवा 10 एचपी सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने के इच्छुक है, वह कृषक ई-मित्र/स्वयं के मोबाइल के माध्यम से अपने जनआधार नंबर द्वारा राजकिसान पोर्टल पर अपनी पत्रावली को 7.5 अथवा 10 एचपी में परिवर्तित करवाकर योजना का लाभ ले सकते हैं। उद्यान विभाग की ओर से राजकिसान पोर्टल पर वरीयतानुसार दस्तावेजों का जांच कर प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की जाएगी। राजकिसान पोर्टल पर वरीयतानुसार दस्तावेजों की जांच उपरान्त जिन कृषकों के दस्तावेज पूर्ण नहीं होने पर पत्रावलियां बैक टू सिटीजन कर कृषकों को विभाग द्वारा सूचित किया जाएगा। विभाग द्वारा सूचित किए जाने उपरान्त कृषक अपने नजदीकी ई-मित्र पर जाकर या स्वयं के मोबाइल से राजकिसान पोर्टल द्वारा पूर्व में किए गए ऑनलाइन आवेदन में कई तरह के दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
यह दस्तावेज अपलोड करना होगा
नई व्यवस्था के तहत राजकिसान पोर्टल द्वारा पूर्व में किए गए ऑनलाइन आवेदन में कई तरह के दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसमें नवीनतम जमाबंदी व नक्शा (6 माह से पुरानी न हो व डिजिटल हस्ताक्षरित अथवा पटवारी से प्रमाणित जरूरी होगा। कृषक द्वारा जलस्त्रोत होने व डीजल चलित संयंत्र से सिंचाई करने का स्व:घोषित शपथ-पत्र देना होगा। विद्युत कनेक्शन नहीं होने एवं पूर्व में सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र पर अनुदान न लेने का स्व:घोषित शपथ-पत्र व अनुमोदित फर्मों में से किसी एक फर्म का चयन करना होगा।
तो स्वत: निरस्त हो जाएंगे
बैक टू सिटीजन की गई पत्रावलियों को कृषक की ओर से अतिशीघ्र राजकिसान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सबमिट करवाना होगा। ताकि पत्रावलियों पर अग्रिम कार्यवाही की जा सके। नहीं तो 15 दिवस की अवधि उपरान्त पत्रावली ऑनलाइन पोर्टल से स्वत: ही निरस्त हो जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी कृषक की होगी। विभाग द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के बाद ही कृषकों को आवेदन अनुसार कृषक हिस्सा राशि का डीडी विभाग में जमा करवाना होगा।