दशक पूर्व जिले में करीब 25 हजार हैक्टेयर में होती थी मूंगफली की खेती
किसानों के लिए मूंगफली की खेती हो सकती है फायदेमंद
हनुमानगढ़. किसानों के लिए मूंगफली की खेती फायदेमंद साबित हो रही है। इसे देखते हुए किसान इस बार भी बिजाई का मन बना रहे हैं। बीते डेढ़ दशक पूर्व की बात करें तो जिले में करीब 25 हजार हैक्टेयर में इसकी खेती होती थी। बारानी इलाकों में इसकी अच्छी पैदावार होती थी। परंतु अब इसकी खेती का दायरा कुछ सीमित हो रहा है। औसतन जिले में आठ से दस हजार हैक्टेयर में इसकी खेती हो रही है। मूंगफली की खेती के लिहाज से जिले की आबोहवा काफी ठीक बताई जा रही है। इस समय किसान बिजाई करके अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। जिले में मूंगफली के रेट भी ठीक जा रहे हैं। इस स्थिति में किसान यदि इसकी बिजाई करेंगे तो अच्छा उत्पादन हो सकता है। कृषि अधिकारियों के अनुसार रेतीली और दोमट भूमि मूंगफली की बिजाई के लिए उपयुक्त है। इन क्षेत्रों में 15 जून तक बुआई करके अच्छी आय ली जा सकती है। मूंगफली की मुख्य किस्में की जानकारी देकर किसानों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है।
यह रखें सावधानी
किसानों को मूंगफली की बिजाई के समय 11 किलो यूरिया प्लस 50 किलो सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग बैसल में करने की सलाह दी जा रही है। गत दिनों हुई बरसात के बाद खेत तैयार हो गए हैं। इसके बाद किसान इसकी बिजाई की तैयारी कर रहे हैं।
इतना होता उत्पादन
कृषि विभाग के सहायक निदेशक बीआर बाकोलिया के अनुसार मूंगफली की खेती से किसान अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं। जिले में आठ से दस क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन हो रहा है। रेट भी ठीक जा रहे हैं। इस स्थिति में इसकी खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। उन्नत खेती को लेकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।