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सांड की चपेट में आए बाइक सवार युवक की मौत

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सांड की चपेट में आए बाइक सवार युवक की मौत

- बाइक पर गांव से जा रहा था संगरिया, रास्ते में अकाल मौत

संगरिया. सालीवाला मार्ग पर सांड की टक्कर से एक बाइक सवार युवक की बीती शाम मौत हो गई। युवक की पहचान गांव सालीवाला निवासी पंकज कुमार (17) पुत्र हनीफखां मिरासी के रुप में हुई है। बशीर पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई सुखपाल सिंह ने बताया कि मृतक के चचेरे भाई रोशनखां ने मर्ग दर्ज करवाई है। बताया कि मृतक पंकज बाइक पर सवार होकर शुक्रवार सायं करीब सात बजे गांव सालीवाला से संगरिया की ओर आ रहा था।

इसी दौरान उसके साथ बस अड्डे से रतनपुरा निवासी एक जानकार युवक युसुफखां भी चढ़ गया। गांव से दो किमी. आगे सडक़ के बीचों-बीच खड़े गोधे ने बाईक में अचानक टक्कर मार दी। जिससे दोनों सडक़ पर बाइक समेत गिर गए। पंकज की पसलियों व गर्दन में गंभीर चोटें आई जबकि पीछे बैठा युवक बाल-बाल बच गया। शोर सुन राहगीरों ने एक कार चालक की मदद से उसे संगरिया हस्पताल पहुंचाया।

जहां डॉ. अरविंद शर्मा, डॉ.कुलदीप व नर्सिंगकर्मी राजेंद्र ने उसे संभाला। पंकज को जांच बाद मृत घोषित कर शव मोर्चरी में रखवा दिया। जिसका शनिवार दोपहर पोस्टमॉट्र्म करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। पंकज आठवीं में पढ़ता था। वह तीन भाईयों में सबसे छोटा था। उसकी एक बहन भी है।

बता दें कि निराश्रित पशुओं की चपेट में आने से आए दिन लोग शिकार हो रहे हैं। रेलवे ट्रेक पर तो दर्जनों सांड कटकर काल कलवित हो चुके हैं। 6 जुलाई 18 को गांव हरिपुरा के वार्ड तीन निवासी वृद्ध पदमाराम (70) पुत्र शेराराम बावरी की सांड की चपेट में आने से मौत हो गई। वे एसडीएम कोर्ट आए हुए थे। दोपहर में झगड़ते गोधों ने उन्हें टक्कर मार दी। एसडीएम के गाड़ी चालक प्रदीप कुमार ने उसे गंभीर अवस्था में सरकारी हस्पताल पहुंचाया। जहां से हनुमानगढ़ जाते वक्त उनकी रास्ते में मौत हो गई।

पूर्व बार संघ अध्यक्ष गुरलाल मान, अनुसूचित जन जाति संघ प्रदेश सचिव जितेंद्र लोहरा, पूर्व सरपंच हरमीत बलजोत व अन्य लोगों ने निराश्रित घूम रहे पशुओं पर अंकुश लगाने सहित पीडि़तों के परिवारों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। आरोप लगाया कि पूर्व में भी अनेक लोग पशुओं की चपेट में आकर घायल हो चुके व कुछ जान गंवा चुके।

आवारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए 1 जनवरी 18 को ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। जिस पर तत्कालीन एसडीएम उम्मेद सिंह के नेतृत्व में हुई बैठक दौरान गोशाला संचालकों व नगरपालिका को पशुओं पर नियंत्रण के सख्त निर्देश दिए गए। बावजूद इसके आवारा पशु निरंकुश घूम रहे हैं। प्रशासन नाकाम है