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बिना स्कूल ही दिखा दिए आरटीइ में प्रवेश, मांगी 28 लाख रुपए की पुनर्भरण राशि

हनुमानगढ़. शिक्षा का अधिकार कानून के तहत 25 फीसदी सीटों पर नि:शुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के एवज में सरकार से मिलने वाली पुनर्भरण राशि लेने के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा करने का मामला प्रकाश में आया है।
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हनुमानगढ़

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Adrish Khan

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Updated: 23 Oct 2021, 9:10 PM IST

बिना स्कूल ही दिखा दिए आरटीइ में प्रवेश, मांगी 28 लाख रुपए की पुनर्भरण राशि

बिना स्कूल ही दिखा दिए आरटीइ में प्रवेश, मांगी 28 लाख रुपए की पुनर्भरण राशि

बिना स्कूल ही दिखा दिए आरटीइ में प्रवेश, मांगी 28 लाख रुपए की पुनर्भरण राशि
- बिल एवं कैंसिल चेक की जांच में आया मामला पकड़ में
- जंक्शन थाने में कराया डीईओ माध्यमिक मुख्यालय ने कराया मामला दर्ज
हनुमानगढ़. शिक्षा का अधिकार कानून के तहत 25 फीसदी सीटों पर नि:शुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के एवज में सरकार से मिलने वाली पुनर्भरण राशि लेने के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा करने का मामला प्रकाश में आया है। बिना स्कूल ही आरटीई में फर्जी प्रवेश दिखाकर 28 लाख रुपए की राशि के भुगतान के लिए बिल पेश कर दिए। हालांकि शिक्षा विभाग की पड़ताल में सही समय पर मामला पकड़ में आ गया। ऐसे में आरटीई के बिल पेश करने वाले कथित स्कूल संचालक को राशि का भुगतान नहीं हो सका। शिक्षा विभाग ने अपनी जांच-पड़ताल पूर्ण करने के बाद अब एक जने के खिलाफ जंक्शन थाने में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया है।
पुलिस के अनुसार डीईओ माध्यमिक मुख्यालय हंसराज जाजेवाल ने रिपोर्ट दी कि भादरा स्थित डिवाइन स्कूल के नाम से उसके संचालक गुलशन कुमार निवासी रावतसर ने आरटीई में प्रवेश के एवज में मिलने वाली पुनर्भरण राशि के भुगतान के लिए बिल पेश किए थे। इसके साथ कैंसिल चेक भी लगता है। बिल तथा चेक की जांच के दौरान सामने आया कि जो कैंसिल चेक कथित स्कूल संचालक ने दिया था, वह सही नहीं था। बिलों में भी गड़बड़ी मिली। इसके बाद भादरा सीबीईओ को स्कूल की जांच का आदेश दिया। सीबीईओ ने रिपोर्ट दी कि भादरा में डिवाइन नाम का कोई स्कूल संचालित ही नहीं है। ऐसे में विभागीय जांच-पड़ताल पूर्ण कर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। डीईओ माध्यमिक के अनुसार आरोपी गुलशन कुमार रावतसर के धन्नासर गांव में डिवाइन नाम से कम्प्यूटर सेंटर चलाता है। उसने ठगी के लिए साजिशपूर्वक बिल पेश किए। पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 471 व 488 बी में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसआई शैलेशचंद को जांच सौंपी गई है।
28 लाख रुपए का मामला
प्राथमिकी के अनुसार आरोपी गुलशन कुमार ने कुल 28 लाख रुपए पुनर्भरण राशि के भुगतान के लिए बिल पेश किए थे। इनमें उसने शिक्षा सत्र 2018-19, 2019-20 तथा 2020-21 में बच्चों के आरटीई के तहत फर्जी प्रवेश दिखा रखे थे।
आरोपी बहुत शातिर
खास बात यह है कि आरटीई के तहत प्रवेश के लिए टाइमफ्रेम जारी होता है। तय अवधि में ही बच्चों के प्रवेश लिए जाते हैं। इनका पोर्टल पर पंजीयन भी कराना होता है। आरोपी तकनीक व सारी प्रक्रिया की जानकारी रखता था।