खेती में प्रमाणित बीजों से अधिक पैदावार ले सकते हैं किसान
-राजस्थान राज्य बीज निगम प्लांट से किसान प्राप्त कर सकते हैं बीज
-कृषि विभाग का दावा, बाजार में मिल रहे बीज की तुलना में निगम के बीजों की गुणवत्ता अधिक
हनुमानगढ़. चालू रबी सीजन में क्षेत्र के किसानों को फसलों की बिजाई के लिए पर्याप्त सिंचाई पानी मिल सकेगा। इसकी घोषणा नहरी विभाग स्तर पर की जा चुकी है। इसके बाद अब कृषि विभाग किसानों को बिजाई के दौरान प्रमाणित बीजों का उपयोग करने की सलाह दे रहा है। विभाग का मानना है कि अमानक बीजों के उपयोग के चलते उत्पादन प्रभावित होता है। लेकिन प्रमाणित बीजों का निर्माण वैज्ञानिक पद्धति से किया जाता है। इसलिए बाजार में मिल रहे अन्य बीजों की तुलना में राजस्थान राज्य बीज निगम की ओर से तैयार प्रमाणित बीज अधिक फायदेमंद रहता है।
बताया जा रहा है कि बीज प्रमाणीकरण का मकसद फसलों की अधिसूचित किस्मों का केंद्रीय बीज प्रमाणीकरण मंडल की ओर से निर्धारित बीज प्रमाणीकरण के सामान्य नियमों तथा विभिन्न फसलों के विशिष्ट मानकों के तहत प्रमाणीकरण करना होता है। उच्च गुणवत्ता के बीज की सामयिक उपलब्धता सुनिश्चित करना ही बीज निगम का प्रमुख कार्य होता है। हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले को कृषि प्रधान कहा जाता है। ऐसे में दोनों जिलों में प्रमाणित बीजों की अहमियत काफी बढ़ जाती है। इसलिए कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को प्रमाणित बीजों का उपयोग करने की सलाह दे रहे हैं। ताकि खेती से अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। साथ ही बीज बाजार में चल रहे मिलावट के कारोबार से दूर रह सकें।
किसान यहां करें संपर्क
प्रमाणित बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को टाउन में फतेहगढ़ मोड़ के पास राजस्थान राज्य बीज निगम के स्थानीय प्लांट पर जाकर संपर्क करना होगा। उक्त प्लांट पर चने व सरसों के प्रमाणित बीज उपलब्ध हैं। सरसों के 1705 क्विंटल तथा चने के 6100 क्विंटल बीज उपलब्ध हैं। सरसों के बीज के रेट 105 रुपए प्रति किलो तथा चने के 95 रुपए प्रति किलो निर्धारित किए गए हैं। सीधे किसान की ओर से खरीद करने पर आठ प्रतिशत अनुदान देय है। उक्त प्लांट पर गेहूं के 2500 क्विंटल बीज उपलब्ध हैं।
निगरानी में जुटे
चालू रबी सीजन में पांच से छह लाख हेक्टैयर में फसलों की बिजाई का अनुमान है। जिले में बीते बरसों में खाद की कालाबाजारी की आ रही शिकायतों को देखते हुए कृषि महकमे के अधिकारी समय रहते इस पर नजर बनाने में लग गए हैं। जिले में कुछ जगहों पर चेक पोस्ट स्थापित कर दिए गए हैं। जहां विभागीय स्टॉफ की रोटेशन के हिसाब से ड्यूटी लगाई गई है। ताकि खाद के अवैध परिवहन की घटनाओं को रोका जा सके।
पक्का बिल मांगें किसान
विशेष गुण नियंत्रण अभियान के तहत जिले में बीज निरीक्षकों की ओर से बीज विक्रेता प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। गत पखवाड़े में निरीक्षण के दौरान बीज निरीक्षकों को बीजों के कारोबार में विभिन्न प्रकार की कमियां पाई गई। कृषि (विस्तार) संयुक्त निदेशक डॉ. रमेश चंद्र बराला ने बताया कि कृषकों को उच्च गुणवत्ता के आदान उपलब्ध करवाने के मद्देनजर कोताही बरतने वाले जिलें में सात बीज विक्रेता फर्मों के बीज अनुज्ञा पत्र आगामी आदेशों तक निलंबित किए गए हैं। इसके साथ-साथ सभी फर्मों को आदान निरीक्षकों के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि कृषकों को आदान क्रय उपरांत पक्का बिल दिया जाए। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वह बीज खरीदने के बाद पक्का बिल ही मांगें।
प्रमाणित बीजों के रेट पर नजर
-सरसों के 15 वर्ष की अवधि की अधिसूचित समस्त किस्मों का कुल विक्रय मूल्य 10500 रुपए निर्धारित किया गया है। इसमें कृषि विभाग की ओर से 4000 रुपए प्रति क्विंटल अनुदान देय है।
-चने के 10 वर्ष तक की अवधि की अधिसूचित समस्त किस्मों के बीज का कुल विक्रय मूल्य 9500 रुपए है। कृषि विभाग की ओर से 4750 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से अनुदान देय है।
-तारामीरा के 15 वर्ष तक की अवधि की अधिसूचित समस्त किस्मों का कुल विक्रय मूल्य 7500 रुपए निर्धारित है। इसमें कृषि विभाग की ओर से 4000 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से अनुदान देय है।
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बीज है उपलब्ध
निगम के स्थानीय प्लांट पर प्रमाणित बीज उपलब्ध हैं। जरूरत के हिसाब से यहां बीज प्राप्त किए जा सकते हैं। बीज विक्रय को लेकर रेट प्राप्त हो गए हैं। अनुदानित दर पर हमारे प्लांट पर प्रमाणित बीज उपलब्ध हैं।
-कमलेश मीणा, प्लांट मैनेजर, राजस्थान राज्य बीज निगम हनुमानगढ़