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हनुमानगढ़। निजी बीएड कॉलेज के प्राचार्य सहित दो जनों को फार्म जमा कराने के एवज में पांच हजार रुपए की घूस लेते रंगे हाथ पकड़वाने वाले छात्र का शव सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटकता मिला। पुलिस ने मंगलवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक के दो मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उनको खंगाला जा रहा है। पुलिस घटना की हर एंगल से जांच कर रही है। इस संबंध में मृतक के मामा ने मर्ग दर्ज कराई है।
पुलिस के अनुसार मयंक कुमार गर्ग (25) का शव सोमवार देर रात हनुमानगढ़ जंक्शन की एसडीएम कॉलोनी स्थित घर में फंदे पर लटका मिला। वह अपनी माता के साथ रहता था। उसके पिता कुलभूषण गर्ग की कई साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। सूचना मिलने पर जंक्शन थाना प्रभारी लक्ष्मणसिंह राठौड़ मय जाप्ता मौके पर पहुंचे। शव को फंदे से उतार कर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। घटना के समय मृतक की माता अपने पीहर गई हुई थी। पीछे से किसी समय उसने आत्महत्या कर ली।
जंक्शन थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि अब तक की जांच पड़ताल में मृतक का लिखा कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना के कारणों का भी स्पष्ट तौर पर कुछ पता नहीं चल सका है। मृतक के पास से उसके दो मोबाइल फोन मिले हैं, उनकी कॉल डिटेल वगैरह की जांच की जाएगी ताकि आत्महत्या के कारणों का पता चल सके। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
मयंक गर्ग के पिता की सड़क हादसे में कई बरस पहले मौत हो चुकी है। उसके एक बड़ी बहन है जो पंजाब में ब्याही हुई है। जंक्शन की एसडीएम कॉलोनी स्थित घर में माता-पुत्र दोनों ही रहते थे। मयंक की माता रजनीबाला अग्रवाल सतीपुरा स्थित राजकीय विद्यालय में अध्यापिका है। पति की मौत के बाद संघर्ष कर बेटा-बेटी को पाला। जवान बेटे के यूं चले जाने से माता बदहवाश सी हो गई है।
जानकारी के अनुसार मृतक मयंक अग्रवाल जंक्शन बाजार में लाइब्रेरी का संचालन करता था। कुछ साल उसने प्राइवेट बैंक में भी नौकरी की थी। अभी वह बीएड की पढ़ाई के साथ लाइब्रेरी का संचालन भी कर रहा था। कालोनी वासियों के अनुसार मयंक हंसमुखी और शांत स्वभाव का युवक था और सबसे अच्छा व्यवहार था।
मयंक गर्ग ने 31 जनवरी को थेड़ी गंगानी स्थित बाबा मस्तनाथ बीएड कॉलेज के प्रिंसिपल रामावतार और कप्यूटर ऑपरेटर करण को बीएड का फार्म ऑफलाइन विश्वविद्यालय में जमा करने आदि कार्यों के लिए पांच हजार रुपए की घूस लेते एसीबी से रंगे हाथ गिरफ्तार कराया था।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) हनुमानगढ़ की टीम ने शनिवार को ट्रेप कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। ट्रैप कार्रवाई के मात्र तीन दिन बाद ही मयंक अग्रवाल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटकता मिला। गौरतलब है कि बाबा मस्तनाथ बीएड कॉलेज का संचालन बाबा मस्तनाथ ट्रस्ट करता है। इस ट्रस्ट से तिजारा विधायक और भाजपा नेता महंत बाबा बालक नाथ भी जुड़े हुए हैं।
Published on:
05 Feb 2025 11:00 am
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