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सड़क पर बसों को रोकने की मजबूरी

रोडवेज सेवा की मांग को लेकर मुखर होने लगे नागरिक, बार संघ ने सौंपा ज्ञापनसड़क पर बसों को रोकने की मजबूरी

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सड़क पर बसों को रोकने की मजबूरी

सड़क पर बसों को रोकने की मजबूरी

हनुमानगढ़. जिले के टिब्बी उपखण्ड़ मुख्यालय तथा इसके आसपास के गांवों के रोडवेज सेवा से जुड़े नही होने से हो रही परेशानी के चलते यहां रोडवेज सेवा की मांग मुखर होने लगी है। कस्बे सहित क्षेत्र के ग्रामीण अपने-अपने स्तर पर रोडवेज बस सेवा की अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से मांग कर रोडवेज सेवा के लिए प्रयासरत है। इसके तहत शुक्रवार को कस्बे के बार संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने एसडीएम को राजस्थान पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपकर कस्बे को रोडवेज बस सेवा से जोड़े जाने की मांग की। बार संघ अध्यक्ष साहबराम कस्वां के नेतृत्व में पूर्व अध्यक्ष विजय बैनीवाल, संदीप राठौड़, शिव झोरड़, रतन शर्मा, जगदीश प्रसाद शर्मा, रायसिंह भाकर, मदन सिंह बुरडक, जयनारायण शर्मा, कृष्ण चाहर, अब्दुल सत्तार जोईया, विकास शर्मा, महावीर वर्मा, अंकिता शर्मा आदि सदस्यों ने ज्ञापन में कस्बे को रोडवेज सेवा से जोड़े जाने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया है कि टिब्बी कस्बा उपखण्ड़ मुख्यालय, नगरपालिका क्षेत्र व पंचायत समिति मुख्यालय होने तथा यहां बड़ी आबादी निवास करने के बावजूद परिवहन निगम सेवा से वंचित है जिसके चलते यहां के नागरिकों को दूसरे शहरों में आवागमन में काफी परेशानी होती है। ज्ञापन में क्षेत्र में संचालित रोडवेज बसों का रूट परिवर्तित कर टिब्बी कस्बे से जोडऩे की मांग की गई है।ताकि कस्बे के नागरिकों को आवागमन की सुविधा के साथ रोडवेज से जुड़ी सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।
उपखण्ड़ मुख्यालय टिब्बी के रोडवेज बस सेवा से नही जुड़े होने के कारण कस्बे में बस स्टैण्ड़ भी विकसित नही हो पाया है। कस्बे में बस स्टैण्ड़ के अभाव में यहां यातायात सुविधा उपलब्ध कराने वाले निजी बस आप्रेटर यहां के मुख्य बाजार में सडक़ पर ही बसों को रोककर सवारियों को चढाते व उतारते है। रोडवेज बस सेवा शुरू होने की स्थिति में कस्बे में बस स्टैण्ड़ बनने की संभावना बढ जाएगी जिससे यात्रियों को फायदा होगा। फिलहाल बस स्टैण्ड़ के अभाव में यात्रियों को यहां दुकानों के आगे बैठकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। इस अस्थायी बस स्टैण्ड़ पर महिलाओं के लिए शौचालय के साथ पेयजल व बैठने जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नही है जिससे महिलाओं, बच्चों आदि को परेशानी होती है। आठ वर्ष पूर्व 2013 में कस्बे में बस स्टैण्ड़ बनाने के लिए सरकार ने 22 लाख रूपए स्वीकृत किए थे लेकिन बस स्टैण्ड़ निर्माण की जगह को लेकर सहमति नही बनने के कारण बस स्टैण्ड़ का निर्माण नही हो पाया तथा बजट लैप्स हो गया। लेकिन कस्बे के नगरपालिका बनने के बाद अब यहां बस स्टैण्ड़ के लिए बजट स्वीकृत किए जाने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा।
नगरपालिका अध्यक्ष संतोष सुथार के अनुसार कस्बे में सभी सुविधाओं से युक्त बस स्टैण्ड़ बनाए जाने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। बस स्टैण्ड़ निर्माण के लिए जगह की सहमति बनाकर सरकार से बजट की मांग की जाएगी। इससे कस्बे सहित क्षेत्र के यात्रियों को लाभ होगा।