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शिवालिक की पहाडिय़ों में बरसात के बाद घग्घर नदी के राजस्थान क्षेत्र में पानी की आवक हुई तेज,घग्घर नदी के गुल्लाचिक्का हैड पर 10472 क्यूसेक पानी की आवक

हनुमानगढ़. शिवालिक की पहाडिय़ों में बरसात के बाद राजस्थान की घग्घर नदी में पानी की आवक बढऩे लगी है। दो अगस्त 2024 को नदी के गुल्लाचिक्का हैड पर 7700 क्यूसेक पानी चल रहा था।

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शिवालिक की पहाडिय़ों में बरसात के बाद घग्घर नदी के राजस्थान क्षेत्र में पानी की आवक हुई तेज,घग्घर नदी के गुल्लाचिक्का हैड पर 10472 क्यूसेक पानी की आवक

शिवालिक की पहाडिय़ों में बरसात के बाद घग्घर नदी के राजस्थान क्षेत्र में पानी की आवक हुई तेज,घग्घर नदी के गुल्लाचिक्का हैड पर 10472 क्यूसेक पानी की आवक

हनुमानगढ़. शिवालिक की पहाडिय़ों में बरसात के बाद राजस्थान की घग्घर नदी में पानी की आवक बढऩे लगी है। दो अगस्त 2024 को नदी के गुल्लाचिक्का हैड पर 7700 क्यूसेक पानी चल रहा था। जो तीन अगस्त को बढकऱ 10472 क्यूसेक हो गया। बताया जा रहा है कि नदी के जल ग्रहण क्षेत्रों में अभी बारिश जारी है। ऐसे में भविष्य में आवक और बढ़ सकती है। फिलहाल नदी के राजस्थान सीमा पर बने ईस्केप स्ट्रक्चर के गेट खोलकर इंदिरागांधी नहर में 1750 क्यूसेक पानी चलाया जा रहा है। जबकि नाली बेड में 1729 क्यूसेक पानी चलाकर धान उत्पादक किसानों को पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। नाली बेड का पानी शनिवार शाम करीब छह बजे तक हनुमानगढ़ जंक्शन-टाउन को क्रॉस करके डबलीराठान के आगे पहुंच गया था। पानी की आवक आगे भी इसी तरह से जारी रहने पर आने वाले दिनों में अनूपगढ़ तक पानी पहुंच सकता है। लेकिन पीछे से आवक घटती है तो कुछ भी कहना मुश्किल होगा। जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से बरसाती पानी घग्घर नदी के जरिनए हनुमानगढ़ जिले में पहुंचना शुरू हो गया है। फिलहाल पानी का उचित प्रबंधन होने की बात अधिकारी कह रहे हैं। जल संसाधन खंड द्वितीय कार्यालय के एक्सईएन नरेश कुमार मीणा ने बताया कि अभी जितने पानी की आवक नदी में हो रही है, उससे चिंता की कोई बात नहीं है। भविष्य में जैसे-जैसे पानी की आवक होगी, उसे विभिन्न चैनलों के जरिए प्रवाहित किया जाएगा। घग्घर नदी में पानी की आवक होने से धान उत्पादक किसानों को काफी राहत मिलेगी। इस बार करीब 55 हजार हैक्टेयर में धान की खेती हो रही है। इस तरह नदी में पानी की आवक होने से किसान काफी उत्साहित हो रहे हैं।

बढ़ गई थी धडकऩें
पिछली बार नदी में भारी मात्रा में पानी की आवक हुई थी। जिससे हनुमानगढ़ शहर में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी। करीब एक माह पुलिस प्रशासन सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक दिन-रात अलर्ट मोड पर रहे थे। घग्घर नदी हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय के हनुमानगढ़ टाउन और हनुमानगढ़ जंक्शन शहरों के बीच से गुजरती है। 1995 में नदी का तटबंध टूटने से हनुमानगढ़ जंक्शन में बाढ़ आ गई थी। ऐसे में इस बार नागरिक जिला प्रशासन से समुचित व्यवस्थाओं की मांग कर रहे हैं। नदी के शहरी भाग को पक्का करने का सुझाव भी नागरिक दे चुके हैं।

पानी देखने पहुंचने लगे लोग
हनुमानगढ़ टाउन-जंक्शन मार्ग पर लोग नदी में पानी की आवक को देखने पहुंचने लगे हैं। दूसरी तरफ घग्घर नदी क्षेत्र के धान उत्पादक किसान पंपिंग करके धान की फसल में पानी लगाने लगे हैं। किसान नदी में पानी आने का इंतजार कर रहे थे।