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पानी का गणित तैयार कर रहे, ताकि सर्द मौसम में फसलों की हो सके सिंचाई

हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर को 11 जनवरी के बाद भी तीन में एक समूह में चलाने की कोशिशें जारी है। हालांकि पौंग व भाखड़ा बांधों में जितने पानी की आवक की अपेक्षा थी, उतनी आवक अब तक नहीं हो पाई है।

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आईजीएनपी की नहरों को 11 के बाद भी तीन में एक समूह में चलाने की कोशिश में जुटे अफसर

आईजीएनपी की नहरों को 11 के बाद भी तीन में एक समूह में चलाने की कोशिश में जुटे अफसर

-आईजीएनपी की नहरों को 11 के बाद भी तीन में एक समूह में चलाने की कोशिश में जुटे अफसर
-विभाग स्तर पर बांधों का लेवल डाउन ले जाकर शेयर को यथावत रखने का प्रयास
हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर को 11 जनवरी के बाद भी तीन में एक समूह में चलाने की कोशिशें जारी है। हालांकि पौंग व भाखड़ा बांधों में जितने पानी की आवक की अपेक्षा थी, उतनी आवक अब तक नहीं हो पाई है। जनवरी महीने तक करीब 40 प्रतिशत बैटर इनफ्लो का अनुमान लगाकर विभागीय अभियंताओं ने गत महीनों में इंदिरागांधी नहर का रेग्यूलेशन तैयार किया था। जल परार्मशदात्री समिति की बैठक बुलाकर विधायकों की राय भी जानी गई थी। वर्तमान में उपलब्ध जल का बेहतर तरीके से वितरण करने की कोशिशें विभाग स्तर पर लगातार जारी है। जानकारी के अनुसार जनवरी 2025 तक दोनों बांधों में करीब 42 प्रतिशत बैटर इनफ्लो का अनुमान लगाया गया था।
परंतु सात जनवरी 2025 तक दोनों बांधों में महज 28 प्रतिशत बैटर इनफ्लो देखा गया है। इस तरह अब बांधों का लेवल नीचे ले जाकर पूरे जनवरी महीने में इंदिरागांधी नहर परियोजना से जुड़ी नहरों को तीन में एक समूह में चलाने का प्रयास विभाग स्तर पर जारी है। जल्द बीबीएमबी की होने वाली बैठक में शेयर की स्थिति साफ होने के बाद राजस्थान में इंदिरागांधी नहर के 11 जनवरी के बाद के रेग्यूलेशन की तस्वीर साफ हो जाएगी। पानी का जोड़-तोड़ बिठाकर रेग्यूलेशन का गणित तैयार करने में अभियंता जुटे हुए हैं। ताकि सर्द मौसम में रबी फसलों को सिंचाई पानी देकर इनको बचाया जा सके इस नहर से प्रदेश में हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, चूरू व नागौर सहित प्रदेश के 15 जिलों को जलापूर्ति हो रही है। ऐसे में इस नहर में पानी की कमी होने पर करीब डेढ़ करोड़ लोगों पर प्रभाव पड़ता है। इस समय इंदिरागांधी नहर को तीन में एक समूह में चलाया जा रहा है। 11 जनवरी के बाद इस नहर में कितना पानी चलेगा, इसकी स्थिति बीबीएमबी की बैठक में राजस्थान का शेयर निर्धारित होने के बाद ही साफ होगी।

इतने क्षेत्र में हो रही खेती
हनुमानगढ़ जिले में इस समय करीब छह लाख हेक्टैयर में रबी फसलें खड़ी हैं। इनको सिंचाई पानी की जरूरत है। वर्तमान में भाखड़ा व इंदिरागांधी नहर में पूरा पानी चलने पर ही फसलों को बचाया जा सकेगा। किसान हितों को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारी वर्तमान रेग्यूलेशन को पूरे जनवरी महीने तक यथावत रखने के प्रयास में जुटे हुए हैं। इसे लेकर 11 जनवरी से पहले जल परामर्शदात्री समिति की बैठक भी बुलाई जा सकती है।