21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नहरबंदी में पेयजल आपूर्ति रहेगी चुनौती, आईजीएनपी में एक माह की होगी पूर्णबंदी

हनुमानगढ़. 24 अप्रेल से 23 मई तक पूर्ण नहरबंदी रहेगी। इसका नोटिफिकेशन पंजाब सरकार की तरफ से जारी होने के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारी अब बंदी अवधि में होने वाले रीलाइनिंग कार्य की तैयारियों में जुट गए हैं।

2 min read
Google source verification
नहरबंदी में पेयजल आपूर्ति रहेगी चुनौती, आईजीएनपी में एक माह की होगी पूर्णबंदी

नहरबंदी में पेयजल आपूर्ति रहेगी चुनौती, आईजीएनपी में एक माह की होगी पूर्णबंदी

-बंदी अवधि के दौरान पंजाब व राजस्थान भाग में रीलाइनिंग के बचे हुए कार्य होंगे पूर्ण
हनुमानगढ़. 24 अप्रेल से 23 मई तक पूर्ण नहरबंदी रहेगी। इसका नोटिफिकेशन पंजाब सरकार की तरफ से जारी होने के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारी अब बंदी अवधि में होने वाले रीलाइनिंग कार्य की तैयारियों में जुट गए हैं। पंजाब व राजस्थान भाग में आईजीएनपी की नहरों में शेष रहे रीलाइनिंग कार्य पूर्ण किए जाएंगे। नहरबंदी के दौरान प्रदेश के बारह से अधिक जिलों में पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखना काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। हनुमानगढ़ जिले के सात शहरी क्षेत्रों में से पांच शहर इंदिरा गांधी नहर प्रणाली के पेयजल से लाभान्वित हैं। जबकि टिब्बी भू-जल पर आधारित है। वर्तमान में पांच शहरों में 24 घंटे और नोहर व रावतसर में 48 घंटे के अंतराल से जलापूर्ति की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के 1323 गांव 308 जल योजनाओं से जुड़े हैं। इनमें जल मांग के अनुसार आपूर्ति की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नहरबंदी को देखते हुए पेजयल डिग्गियों में आवश्यक जलभंडारण पूर्ण कर लिया गया है। भाखड़ा नहर प्रणाली से जुड़ी नोहर व भादरा की योजनाओं पर भी 25 मार्च से 15 मई तक पूर्ण नहरबंदी रहेगी। जल परिवहन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं। पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिला मुख्यालय पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया गया है। इसका नंबर 01552-260553 रहेगा। उपभोक्ता इस नंबर पर डायल करके शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

लाखों लोगों की प्यास बुझा रही नहरें
पंजाब, हरियाणा व राजस्थान से निकलने वाले इंदिरागांधी नहर की कुल लंबाई 649 किमी है। इसमें सबसे ज्यादा क्षेत्रफल राजस्थान में 445 किमी है। इस नहर से हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, चूरू व नागौर सहित प्रदेश के 13 जिलों के डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों की प्यास बुझ रही है। 1958 में इंदिरागांधी फीडर का निर्माण शुरू हुआ था। 11 अक्टूबर 1963 में राजस्थान में पहली बार इंदिरागांधी नहर की नौरंगदेसर वितरिका में पानी प्रवाहित किया गया था।

……फैक्ट फाइल….
-इंदिरागांधी नहर परियोजना व भाखड़ा में 24 अप्रेल से 23 मई तक पूर्ण नहरबंदी रहेगी।
-आईजीएनपी से प्रदेश के 13 जिलों के डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों की प्यास बुझ रही है।
-जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के 1323 गांव 308 जल योजनाओं से जलापूर्ति की जा रही है।
-वर्तमान में 05 शहरों में 24 घंटे और नोहर व रावतसर में 48 घंटे के अंतराल से जलापूर्ति की जा रही है।

तैयारी में जुटे
नहरबंदी को देखते हुए पेयजल डिग्गियों में जल भंडारण का कार्य पूर्ण करने में लगे हुए हैं। शिकायतों का समाधान करने के लिए कंट्रोल रूप की स्थापना कर दी गई है। जल परिवहन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं।
-विजय वर्मा, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग हनुमानगढ़