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बदले मौसम से फायदे के साथ कुछ नुकसान भी

हनुमानगढ़. जिले में आंधी तथा बरसात की वजह से गर्मी का असर तो कम हुआ। परंतु मंडियों में आई गेहूं की फसल भीग गई। जंक्शन मंडी की बात करें तो यहां पर करीब सवा लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो रही है। बरसात से गेहूं की कुछ गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

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बदले मौसम से फायदे के साथ कुछ नुकसान भी

बदले मौसम से फायदे के साथ कुछ नुकसान भी

हनुमानगढ़. जिले में आंधी तथा बरसात की वजह से गर्मी का असर तो कम हुआ। परंतु मंडियों में आई गेहूं की फसल भीग गई। जंक्शन मंडी की बात करें तो यहां पर करीब सवा लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो रही है। बरसात से गेहूं की कुछ गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। आंधी व वर्षा के चलते कुछ जगहों पर पेड़ भी गिरने की सूचना है। गुरुवार देर रात को अचानक मौसम बदलने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। घंटों तक बिजली व्यवस्था बहाल नहीं होने की वजह से लोग परेशान रहे। हनुमानगढ़ कलस्टर क्षेत्र में 20, पीलीबंगा में 05, संगरिया 05, टिब्बी 18, रावतसर 23, नोहर के रामगढ़ में 24 तथा भादरा में 18 एमएम बारिश होने की सूचना है। कृषि अधिकारी बलकरण सिंह के अनुसार खरीफ फसलों की बिजाई के लिहाज से उक्त बारिश पर्याप्त नहीं है। लेकिन जहां-जहां कपास की बिजाई हो चुकी है, उन फसलों में सिंचाई पानी की कमी दूर होगी। हनुमानगढ़ जिले में अभी तक करीब आठ हजार हैक्टेयर में कपास की बिजाई हुई है। गत बरसों में गुलाबी सुंडी के प्रकोप को नियंत्रित करने की वजह से इस बार किसानों का रुझान इस फसल की बिजाई की तरफ बढ़ रहा है।

56 लाख क्विंटल गेहूं की आवक
हनुमानगढ़ जिले में गेहूं खरीद को लेकर 58 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें अभी तक 56 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। इसमें करीब 39 लाख क्विंटल की खरीद हो गई है। खरीद के उपरांत छह लाख 37 हजार क्विंटल गेहूं का उठाव बाकी है। जबकि कुल आवक की तुलना में अभी तक 16 लाख क्विंटल गेहूं बिकने से शेष पड़ा है। सइ तरह काफी मात्रा में अभी गेहूं खरीद का कार्य शेष है। कृषि विपणन विभाग हनुमानगढ़ के उप निदेशक डीएल कालवा के अनुसार दो-तीन दिनों तक मौसम खराब रहेगा। ऐसे में किसान फसल लेकर मंडी में नहीं आए। मंडी में आई फसल के बिकने के बाद जगह बनने के उपरांत ही किसान फसल लेकर आएं।