21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चारों तरफ नहरों का जाल, फिर भी नहरी पानी नहीं नसीब

हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय पर चारों तरफ नहरों का जाल बिछा हुआ है। परंतु फिर भी तीन दशक से लोगों को पीने के लिए नहरी पानी नसीब नहीं हुआ है।

2 min read
Google source verification

चारों तरफ नहरों का जाल, फिर भी नहरी पानी नहीं नसीब

-आधे से अधिक शहरी क्षेत्र के लोग पी रहे हैं ट्यूबवैल का पानी
-शहर के लोग मांग रहे पीने को नहरी पानी
हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय पर चारों तरफ नहरों का जाल बिछा हुआ है। परंतु फिर भी तीन दशक से लोगों को पीने के लिए नहरी पानी नसीब नहीं हुआ है। बरसों से लोग नहरी पानी की मांग करते रहे हैं। सरकार पर दबाव बनने पर योजनाएं भी बनी। परंतु अब तक अधूरी रहने से लोगों की उम्मीदें भी अधूरी ही पड़ी है। शहर के बेबस लोग ट्यबवैल का फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं। शहर की बात करें तो करीब एक लाख से अधिक लोग भूमिगत यानी ट्यूबवैल का पानी पी रहे हैं। लोगों का कहना है कि भूमिगत पानी पीने के चलते हड्डियों से जुड़ी बीमारियों का हम शिकार हो रहे हैं। जंक्शन में नई खुंजा क्षेत्र के कुछ लोग तो साइकिल, बाइक व अन्य वाहनों पर प्रतिदिन पीने के लिए दूर से नहरी पानी लेकर आते हैं। ताकि बीमारियों से बचाव हो सके। चुनावों के वक्त लोक लुभावने वादे करने के बाद जनप्रतिनिधि भी इस गंभीर समस्या के समाधान को लेकर सक्रिय नहीं होते। इस वजह से अब तक लोगों को नहरी पानी नसीब नहीं हुआ है।

लोगों का हक, सरकार हो गंभीर
नई खुंजा निवासी मनोज बड़सीवाल के अनुसार लोगों को नहरी पानी हर हाल में मिलना चाहिए। चुनाव के दौरान हमने विधायक से भी इसकी मांग की थी। विधायक ने इस मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया था। आने वाले समय में उम्मीद है कि यह मांग पूरी हो जाएगी। खुंजा निवासी अमरजीत शर्मा के अनुसार नहरी पानी क्षेत्र के लोगों का हक है। सरकार को इस पर गंभीरतापूर्वक काम करने की जरूरत है।

साठ करोड़ हुए मंजूर
पीएचईडी के एसई विजय वर्मा के अनुसार अमृत टू योजना में प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है। हनुमानगढ़ शहरी क्षेत्र में नहरी पानी की आपूर्ति के लिए साठ करोड़ का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है। इसके वर्क आऊडर की फाइल को वित्त कमेटी के समक्ष रखवा दिया गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा। इसमें जंक्शन में बाइपास पर दो डिग्गी निर्माण तथा छह टंकी बनाने व पाइप लाइन बिछाने का काम होगा। चरणबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करवाकर शहरी क्षेत्र में नहरी पानी जलापूर्ति का प्रयास रहेगा।

क्या करें कोई रास्ता नहीं
नई खुंजा निवासी बलदेव बताते हैं कि ट्यृवबवैल का पानी पीने से पैरों में दर्द बढ़ रहा है। इसलिए नहरी पानी लेने के लिए हम रीको जाते हैं। वहां कई देर तक लाइन में लगनी पड़ती है। फिर बाल्टी-दो बाल्टी नहरी पानी हमें पीने के लिए मिलता है। बलदेव कुमार के अनुसार खुंजा के कई घरों के लोग रीको से पानी लेकर आते हैं।

शुद्ध पानी की हो आपूर्ति
जंक्शन में न्यू सिविल लाइन तथा नई खुंजा सहित अन्य क्षेत्रों में नलों में मटमैला पानी आने की शिकायत भी कुछ लोगों ने की है। मटमैला पानी की आपूर्ति बंद करवाकर शुद्ध जलापूर्ति की मांग करने की मांग नागरिक कर रहे हैं। ताकि जलजनित बीमारियो ंसे बचाव किया जा सके। कुछ लोग घरों में फिटकिरी डालकर पानी को शुद्ध करके पी रहे हैं।