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गोगामेड़ी मेला शुरू,30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना, इस वर्ष 7.67 करोड़ राजस्व की संभावना

हनुमानगढ़/ भादरा. उत्तर भारत का प्रसिद्ध गोगामेड़ी मेला नौ अगस्त से शुरू हो गया। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, भादरा विधायक संजीव बेनीवाल एवं एसपी हरीशंकर ने पूजा अर्चना करवाई।

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गोगामेड़ी मेला शुरू,30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना, इस वर्ष 7.67 करोड़ राजस्व की संभावना

गोगामेड़ी मेला शुरू,30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना, इस वर्ष 7.67 करोड़ राजस्व की संभावना

हनुमानगढ़/ भादरा. उत्तर भारत का प्रसिद्ध गोगामेड़ी मेला नौ अगस्त से शुरू हो गया। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, भादरा विधायक संजीव बेनीवाल एवं एसपी हरीशंकर ने पूजा अर्चना करवाई। अतिथियों ने गोगाजी की समाधि पर चादर चढ़ाई। माथा टेक कर जिलेवासियों की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। राजकीय आत्मनिर्भर मंदिर श्री गोगाजी-गोगामेड़ी मेले में पहले दिन ही आसपास के राज्यों से श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए हैं। यह ऐतिहासिक मेला एक माह तक चलेगा। आठ सितंबर को मेला खत्म होगा। उत्तर भारत के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में शुमार इस मेले में इस बार 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए इस बार लगभग 3000 लोगों की क्षमता वाले नि:शुल्क रैन बसेरों का निर्माण किया गया है। मेले में हर शाम सात बजे से दस बजे तक लेजर लाइट और साउंड शो का आयोजन होगा, वहीं 30 और 31 अगस्त को पर्यटन एवं देवस्थान विभाग की ओर से सांस्कृतिक संध्या की जाएगी। जिसमें देशभर से आए कलाकार प्रस्तुति देंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे मेला क्षेत्र एवं पार्किंग स्थल सहित कुल 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर परिसर में स्थाई बैरिकेटिंग की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए जीक-जैक बैरिकेटिंग से दर्शन व्यवस्था को और सुगम बनाया गया है। बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से श्रद्धालुओं के मेेले में पहुंचेंगे। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने कुछ ट्रेनों में यात्री डिब्बों की संख्या भी बढ़ाई है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए नौ जोड़ी रेलसेवाओं में साधारण श्रेणी के 27 डिब्बे बढ़ाए गए हैं।

मेला क्षेत्र छह सेक्टर में विभाजित
कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, चिकित्सा, पशुपालन एवं देवस्थान विभाग के अधिकारियों के साथ मेला मजिस्ट्रेट कार्यालय में बैठक भी ली। प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं की हैं। बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा, विद्युत, फायर ब्रिगेड तथा सुरक्षा व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं। जिला कलक्टर ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल इस मेले को सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराना हम सबकी जिम्मेदारी है। भादरा विधायक संजीव बेनीवाल ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए अधिकारियों से कहा कि साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। अनेक राज्यों से श्रद्धालु गोगाजी की पावन भूमि पर आते हैं। यह मेला न केवल दर्शन लाभ का अवसर देता है, बल्कि संस्कृति के संवर्धन एवं रोजगार सृजन में भी सहायक है। नोहर प्रधान सोहन ढिल ने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है। मेला मजिस्ट्रेट राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि मेले के लिए सभी कर्मचारी मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं। मेला क्षेत्र को साफ-सफाई एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए छह सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर के लिए एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रभारी अधिकारियों की सहायता के लिए कर्मचारियों की भी नियुक्ति की गई है।

इस वर्ष 7.67 करोड़ राजस्व की संभावना
देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि मेला क्षेत्र में अस्थायी दुकानों, पार्किंग एवं मनोरंजन स्थल हेतु पांच चरणों में 642 अस्थायी भूखंडों की ऑनलाइन ई-बोली की गई। प्रथम चार चरणों में 433 भूखंडों से लगभग 6 करोड़ की आय हुई है। पांचवें चरण की ई-बोली 209 भूखंडों के लिए जारी है, जिनका आरक्षित मूल्य 1.67 करोड़ रुपए है। इसकी समय-सीमा 14 अगस्त 2025 को समाप्त होगी। इस बोली से भी राजस्व की प्राप्ति होगी। गौरतलब है कि पिछले वर्ष अस्थाई भूखंडों से 5.68 करोड़ रुपए की आय हुई थी।