
इंदिरागांधी नहर में एक फरवरी से सिंचाई पानी बंद, पेयजल के लिए 3000 क्यूसेक पानी चलेगा
हनुमानगढ़. भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक बुधवार को हुई। वर्चुअल तरीके से संपन्न बैठक में राजस्थान के फरवरी महीने का शेयर निर्धारित किया गया। राजस्थान की तरफ से जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी ने बैठक का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने बताया कि बैठक में बांधों के पुनरोद्धार प्रोजेक्ट पर चर्चा की गई।
शेयर के आधार पर अगले महीने का हिस्सा निर्धारित किया गया। बैठक में पानी से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा कर एक फरवरी से राजस्थान की इंदिरागांधी नहर के लिए 3000 क्यूसेक पानी देने का निर्णय किया गया। मुख्य अभियंता के अनुसार एक से 28 फरवरी तक सरहिंद फीडर में बंदी ली जा रही है। इस अवधि में रीलाइनिंग का काम चलेगा। ऐसे में कॉमन बैंक में ज्यादा पानी नहीं चलाया जा सकता। कॉमन बैंक की फिजिबलिटी को देखते हुए राजस्थान की इंदिरागांधी नहर में तीन हजार क्यूसेक पानी चलाने की डिमांड की गई है। बीबीएमबी की बैठक में पूरे फरवरी में राजस्थान की इंदिरागांधी नहर में 3000, गंगकैनाल में 1400, भाखड़ा में 850, सिद्धमुख नोहर में 500 तथा खारा प्रणाली की नहरों में 200 क्यूसेक पानी चलाने की स्वीकृति प्रदान की गई। इस तरह गेहूं की पकाई के लिए कैसे नहरी पानी मिलेगा, इसकी चिंता किसानों को सता रही है। गौरतलब है कि इंदिरागांधी नहर से हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर सहित प्रदेश के पंद्रह जिलों को जलापूर्ति होती है। भाखड़ा व पौंग बांध के घट रहे जल स्तर की वजह से राजस्थान का शेयर खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। ऐसे में इंदिरागांधी नहर में अब सिंचाई पानी बंद किया गया है। मानसून सीजन में भी इस बार बांध खाली रह गए थे। मावठ भी कमजोर रहा। ऐसे माहौल में नहरी पानी पर मंडरा रहे संकट के बादल कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं।
Published on:
29 Jan 2025 06:30 pm
बड़ी खबरें
View Allहनुमानगढ़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
