19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हनुमानगढ़

सरकार रेडियोलोजिस्ट लगाए तो आमजन को मिले राहत सुविधा का अभाव:

सरकार रेडियोलोजिस्ट लगाए तो आमजन को मिले राहत सुविधा का अभाव: मशीनें तीन जांच करने वाला एक ही रेडियोलोजिस्ट हनुमानगढ़. जिला अस्पताल में राज्य सरकार दो साल से रेडियोलोजिस्ट लगाने में विफल साबित हो रही है। इसकी वजह से आमजन को राहत नहीं मिल रही। जबकि राज्य सरकार की ओर से आमजन को राहत दिलाने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं।

Google source verification

सरकार रेडियोलोजिस्ट लगाए तो आमजन को मिले राहत सुविधा का अभाव:

मशीनें तीन जांच करने वाला एक ही रेडियोलोजिस्ट हनुमानगढ़. जिला अस्पताल में राज्य सरकार दो साल से रेडियोलोजिस्ट लगाने में विफल साबित हो रही है। इसकी वजह से आमजन को राहत नहीं मिल रही। जबकि राज्य सरकार की ओर से आमजन को राहत दिलाने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट के दो पद हैं। इनमें से एक पद रिक्त है। एक ही रेडियोलोजिस्ट होने के कारण केवल गर्भवती की ही जांच की सुविधा है। वह भी प्रतिदिन २३ से २५ गर्भवती की ही जांच हो पाती है। सोनोग्राफी की तीन मशीन है। ऐसे में चिकित्सक की ओर से रोगियों की जांच के लिए सोनोग्राफी लिखे जाने पर निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर में जाना पड़ता है। इसके लिए प्रति जांच पांच सौ रुपए से सात रुपए शुल्क देना पड़ता है। हालात यह है कि जिला अस्पताल प्रशासन ने दो वर्ष पहले २८ लाख रुपए की लागत से नई मशीन खरीदी थी। अल्ट्रासाउंड मशीन का उद्घाटन जिस दिन हुआ था। उसी दिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने रेडियोलोजिस्ट का तबादला कर दिया गया। तब से लेकर आज तक जितने भी रेडियोलोजिस्ट लगाए गए। वे लोग परीक्षा परिणाम आने तक जांच नहीं कर सकते। लेकिन जब परीक्षा का परिणाम आ जाता है तब उस रेडियोलोजिस्ट का तबादला हो जाता है। यह सिलसिला दो वर्ष से चल रहा है। अगस्त में आने की संभावना जानकारी के अनुसार कोविड के कारण २०२० में रेडियोलोजिस्ट की डिग्री के लिए एडमिशन देरी से हुए थे। इस बैच का परिणाम अगस्त २०२३ में आएगा। इनका परिणाम आने के बाद राज्य सरकार रेडियोलोजिस्ट को जिला अस्पताल में लगा सकती है। फिलहाल राज्य के अन्य अस्पतालों में कार्यरत रेडियोलोजिस्ट को लगाने में विफल साबित हो रही है। जांच के लिए यह दरें हुई थी तय सोनोग्राफी मशीन का उद्घाटन विधायक चौधरी विनोद कुमार ने किया था। उस वक्त सोनोग्राफी की सुविधा शुरू करने के लिए दरें भी निधार्रित की गई थी। उद्घाटन वाले दिन ही स्वास्थ्य विभाग ने रेडियोलोजिस्ट का तबादला कर दिया और जांच सुविधा शुरू होने से पहले ही ठप हो गई। जो दरें तय हुई थी, उसमें गर्दन, थायराइयड, ब्रेस्ट, एग्जीला, स्क्रोटम आदि की जांच के लिए १५० रुपए का शुल्क लिया जाना था। यूएसजी कलर डोपलर के लिए ६०० रुपए व ईकोकाडियोग्राफी के लिए ५५० रुपए तय किए गए थे। जबकि रोगी के पेट की सामान्य सोनोग्राफी निशुल्क करने का निर्णय लिया था। वर्तमान में यह सुविधा जिला अस्पताल में केवल गर्भवती की सोनोग्राफी की जांच की सुविधा है। यह जांच पूरी तरह निशुल्क है। एमसीएच यूनिट में सोनोग्राफी सेंटर स्थापित किया हुआ। जिला अस्पताल में चार सोनोग्राफी मशीन है। इनमें से एक मशीन काफी पुरानी होने के कारण प्रयोग में नहीं ली जा सकती। जबकि दो मशीन धूल फांक रही है। इनमें से एक मशीन की हाल ही में वांरटी अवधि भी खत्म हो चुकी है। अगस्त में उम्मीद है रेडियोलोजिस्ट की परीक्षा के परिणाम अगस्त में आएंगे। गत दिन पहले बीकानेर में विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक हुई थी। बैठक में परीक्षा परिणाम अगस्त में आने के दौरान रेडियोलोजिस्ट लगाने का आश्वासन मिला है। डॉ. मुकेश कुमार पोटलिया, पीएमओ, जिला अस्पताल।