सहमति के बाद आंदोलन स्थगित, अब पूरे पानी की प्रतीक्षा में किसान
– भाखड़ा की नहरों को पांच जून तक 850 से 1200 क्यूसेक तक मिल सकेगा पानी
– बठिंडा में पंजाब के सीएम से नागौर सांसद के नेतृत्व में किसान नेताओं की वार्ता में बनी सहमति
– करीब एक माह से किसान कर रहे थे आंदोलन, अब राहत के आसार
हनुमानगढ़. शेयर के अनुसार निर्धारित सिंचाई पानी की मांग को लेकर करीब एक माह से आंदोलनरत हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद बंधी है। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में दोनों जिलों के किसान नेताओं की बठिंडा में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से रविवार को हुई सकारात्मक वार्ता में मांग के अनुसार पानी देने पर सहमति बनी। पंजाब सीएम के साथ करीब दो घंटे तक चली उच्च स्तरीय वार्ता में पानी की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन पर चर्चा की गई।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बताया कि वार्ता में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों की मांग के अनुरूप निर्णय करने का भरोसा दिलाया। जल्दी ही किसानों की मांग के अनुरूप पानी देने का निर्णय कर आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया है। पूरी उम्मीद है कि पंजाब सीएम हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिले के किसानों को सिंचाई पानी देकर राहत पहुंचाएंगे। उन्होंने बताया कि सिंचाई पानी के अतिरिक्त पंजाब क्षेत्र में नहरों में फैक्ट्रियों के अपशिष्ट डालने व दूषित पेयजल के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। पानी की सफाई को लेकर प्लांट लगा हुआ है। बड़ा प्लांट लगाने को लेकर चर्चा की गई ताकि राजस्थान के विभिन्न जिलों को नहरों से साफ पानी मिल सके। वार्ता में जिले से भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशमसिंह मानुका, रायसाहब मल्लडख़ेड़ा, सौरभ राठौड़, रणजीतसिंह राजू, सतवीरसिंह मोहनपुरा, भाखड़ा प्रोजेक्ट चेयरमैन मनप्रीत सिंह, सद्दाम हुसैन, अपरजोत बराड़, रायसिंह बंसरिवाला, आप के सचिन कौशिक आदि शामिल हुए। गौरतलब है कि गत दिनों हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर पंजाब से पूरा पानी दिलवाने की मांग को लेकर एक सप्ताह से अधिक समय तक किसान पड़ाव डाल कर बैठे। इसके बाद सांसद बेनीवाल ने 18 मई को यहां आकर किसानों की मंशा के अनुरूप पंजाब के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता कर पूरा पानी देने की बात कही। इस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सांसद को किसानों के साथ पंजाब आकर वार्ता करने का न्यौता दिया था।
किसानों को मिली राहत
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशमसिंह मानुका ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को राहत पहुंचाते हुए कहा कि पांच जून तक 850 से 1200 क्यूसेक तक पानी दिया जाएगा। वार्ता में 1250 क्यूसेक पानी की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन पर विस्तृत चर्चा की गई। गौरतलब है कि नरमा बिजाई के लिए किसानों को भाखड़ा की नहरों में पानी की सख्त आवश्यकता है। इसको लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन जारी था।
जारी नहीं हो सका रेग्यूलेशन
राजस्थान की भाखड़ा नहर में शनिवार शाम तक 700 क्यूसेक पानी चल रहा था। इससे पहले 18 मई को नहर में 1100 क्यूसेक पानी हो गया था। मगर बाद में पानी की मात्रा में कमी आ रही है। वर्तमान में तय शेयर के अनुसार 850 क्यूसेक पानी मिलने में संशय होने की वजह से जल संसाधन विभाग ने अभी तक भाखड़ा नहर का रेग्यूलेशन जारी नहीं किया है। अभी गोलबारी सिस्टम को लागू किया गया है। किसान इसका विरोध कर रहे हैं।
सब कर रहे टाइमपास
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बठिंडा वार्ता में जाने से पहले यहां सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में कहा कि किसानों का दर्द कोई नहीं समझ रहा। दोनों जिलों के जनप्रतिनिधि पीछे से पानी नहीं आ रहा कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। केन्द्र सरकार का जल शक्ति मंत्रालय किसानों के पानी के मुद्दे पर एक बयान तक जारी नहीं करता। सब टाइमपास कर रहे हैं, किसानों की चिंता उनको नहीं है।
थर्ड फ्रंट बनेगा फस्र्ट फ्रंट
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस व भाजपा से जो लड़ रहे हैं, वे एक साथ हो जाए। हमारे दरवाजे सबके लिए खुले हैं। हम इस बार वोट का बंटवारा रोक देंगे। प्रदेश में थर्ड फ्रंट ही फ्रस्ट फ्रंट बनकर उभरेगा।
24 मोदी की व एक राजस्थान की जय
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि लोकसभा में प्रदेश के 24 सांसद नरेन्द्र मोदी की जय बोलते हैं, मैं एक राजस्थान की जय बोलता हूं। प्रदेश में जो भ्रष्टाचार बढ़ा है और जो नाम खराब हुआ है, उसके लिए मौजूदा सीएम अशोक गहलोत व पूर्व सीएम वंसुधरा राजे जिम्मेदार है। क्योंकि बीस साल से यही दोनों सीएम हैं। अशोक गहलोत को तो जनता की कम और सरकार बचाने की चिंता ज्यादा रहती है।