
died person ration card running
पीलीबंगा. परिवार के सदस्य की मृत्यु के बाद भी उसके नाम से पोश मशीन मे माध्यम से राशन आवंटित होना विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। यह कार्य पूरे उपखंड क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा है। एक परिवार राशनकार्ड बीपीएल, अन्त्योदय, आस्था, खाद्य सुरक्षा, स्टेट बीपीएल व घुमंतु परिवार को प्रतिमाह 5 किलो गेहूं प्रति सदस्य, 500 ग्राम चीनी दी जाती है।
इनके अलावा चावल, मसाले, साबुन, मिटटी को तेल सहित अन्य विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री उचित मूल्य की दुकान से आवंटित होती है। पूरे परिवार का लिंक राशन कार्ड व आधार कार्ड का पोश मशीन पर साथ साथ होता है ऐसे में सदस्य की मृत्यु होने पर नाम हटना चाहिए जबकि पोश मशीन से वह नाम हटता ही नहीं है तो फिर ऑनलाईन सिस्टम का औचित्य क्या है। ग्राम पंचायतों में परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो जाने पर 12 अंकों का नम्बर डालते ही पूरे भारत में मृत अंकित होते हुए पोश मशीन में नहीं दिखना चाहिए।
लेकिन मृतक के नाम पर लगातार राशन आवंटित होना रसद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उत्पन्न करता है। ग्राम पंचायतों में विकास अधिकारी व शहरों में पालिका अधिशाषी अधिकारी समस्त दस्तावेजों की पूर्ति कर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करत है ऐसे में राशनकार्ड सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में से मृतक का नाम नहीं हटना गलत है।
वहीं बैंक खातों में आने वाली समाजिक सुरक्षा अंतर्गत आने वाली पेंशन भी बंद नहीं होने से आवेदक के परिजनों के खाते में जमा होती रहती है जिससे राज्य सरकार को भी राजस्व का नुकसान होता है। इस संबंध में अधिवक्ता महावीर अरोड़ा का कहना है कि ग्राम विकास अधिकारी एवं अधिशाषी अधिकारी को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करते ही केन्द्र या राज्य सरकार को सूचित कर समस्त कल्याणकारी योजनाओं से मृतक के नाम को पृथक करवाना चाहिए।
इनका कहना है...
पंचायत समिति का काम राशन वितरण करना है। पोश मशीन में मृतक का नाम हटाने की कार्रवाई जिला रसद विभाग करेगा। इस संबंध में रसद विभाग अधिक जानकारी दे सकता है।
Published on:
11 Apr 2018 04:24 pm
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