चिकित्सक की तुलना में चिकित्सक शिक्षक का वेतन कम होने पर नहीं कर पदभार ग्रहण
18 दिन बाद शुरू होने जा रहा मेडिकल कॉलेज
हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक शिक्षक व चिकित्सकों के 88 पद स्वीकृत हैं। करीब 18 दिन बाद मेडिकल कॉलेज में शिक्षण का कार्य होने जा रहा है। राजस्थान मेडिकल एजूकेशन सोसायटी की ओर से 19 चिकित्सक शिक्षक लगाए गए थे। इनमें से केवल 9 चिकित्सक शिक्षकों ने ही ज्वाइन किया है। राजमेस ने इनकी ज्वाइनिगं की अवधि तीन बार बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार चिकित्सकों का वेतन करीब डेढ़ लाख रुपए प्रतिमाह होता है। लेकिन राजमेस के जरिए चिकित्सक शिक्षक लगने पर प्रतिमाह 70 हजार रुपए वेतन मिलेगा। इसके चलते कोई भी चिकित्सक शिक्षक के पद पर राजमेस के जरिए नहीं लगना चाहते। उधर, जिला अस्पताल के चिकित्सक मेडिकल कॉलेज में लगाने के लिए पदनाम की मांग कर रहे हैं। लेकिन राजमेस ने अभी तक इन चिकित्सकों को पदनाम नहीं दिया है। जिला अस्पताल के चिकित्सक को सीधे तौर पर मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने के लिए लगाया जाता है तो इनके वेतन में कोई परिवर्तन नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासन सचिव के नाम का ज्ञापन पीएमओ डॉ. मुकेश पोटलिया को सौंप चुके हैं।डॉ. शंकर सोनी ने बताया कि राजमेस ने दो वर्ष पीजी सेवा उपरांत कार्यरत विशेषज्ञों को सहायक आचार्य पद पर पदनामित किया जाना था। इसकी सूची भी राजमेस की ओर से मांगी गई थी। लेकिन अभी तक आदेश जारी नहीं किए गए। जबकि एक सितंबर को कॉलेज शुरू होने जा रहा है। इतने जनों ने लिया दाखिला मेडिकल कॉलेज हनुमानगढ़ में अभी तक 33 विद्यार्थी एडमिशन ले चुके हैं। इनमें से 13 स्टूडेंट सरकारी कोटे से व 20 स्टूडेंट ने मैनेजमेंट कोटे से दाखिला लिया है। इन विद्यार्थियों के दस्तावेज भी जमा हो चुके हैं। जबकि ऑनलाइन काउंसलिंग के दौरान 66 विद्यार्थियों को हनुमानगढ़ मेडिकल कॉलेज आवंटन हुआ था। मेडिकल कॉलेज में पानी की सप्लाई को लेकिन पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। एक सितंबर से एकेडमिक सेशन शुरू होने जा रहा है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज की कमेटी ने बोरवेल से पानी की सप्लाई की व्यवस्था की है। वहीं विद्युत निगम से अस्थाई बिजली का कनेक्शन लिया है। बताया जा रहा है कि विद्युत कनेक्शन के लिए डिस्कॉम को 160 लाख रुपए भी जमा करवाए जा चुके हैं। गौरतलब है कि 325 करोड़ की लागत से भवन तैयार किया जा रहा है। इसमें से 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार व 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन कर रही है। इस तरह का हैं मेडिकल कॉलेज एकेडमिक ब्लॉक- यह बिल्डिंग जी+3 बनी है। जिसमें शैक्षणिक ब्लॉक ग्राउंड फ्लोर रूफ स्लैब का काम पूरा हो चुका है। इस भवन में सिविल का कार्य 100 प्रतिशत हो चुका है। इस ब्लॉक में 5 लिफ्ट लगाई जा रही है। बॉयज-इंटन्र्स हॉस्टल- 225 बॉयज की क्षमता के इस हॉस्टल की बिल्डिंग जी+7 होगी। 5415 स्कवेयर मीटर में ग्राउंड कवरेज 1040 और फ्लोर हाइट 3.3 मीटर होगी। यहां पर 2 लिफ्ट लगाई जा रही है। गल्र्स-इंटन्र्स हॉस्टल- गल्र्स हॉस्टल 225 बेड की क्षमता का होगा। जिसकी बिल्डिंग जी+7 है और एरिया 5415 स्कवेयर मीटर होगा। ग्राउंड कवरेज 1040 और फ्लोर हाइट 3.3 मीटर होगी। यहां पर 2 लिफ्ट लगाई जाएंगीं। इसी बिल्डिंग में 6 और 7वें फ्लोर पर इंटन्र्स गल्र्स हॉस्टल 38 की क्षमता का होगा जिसमें एरिया 1450 स्कवेयर मीटर और फ्लोर की हाइट 3.3 मीटर होगी।