संक्रमण संकट गुजरने के बाद भी बैकलॉग बढऩे से रहेगा 'चक्का' जाम
- कोरोना संक्रमण संकट के चलते विद्यालय बंद रहने से लगातार दूसरे सत्र में साइकिल वितरण खटाई में
- जिले से लेकर प्रदेश भर बैकलॉग अधिक होने से साइकिल वितरण योजना की गत बिगडऩे की आशंका
- दसवीं के बाद निजी विद्यालय में नामांकन कराने वाली छात्राओं को होगा नुकसान
अदरीस खान @ हनुमानगढ़. कोरोना संकट के कारण लगातार दूसरे शिक्षा सत्र में पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित होती दिख रही है। इसके साथ ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संचालित साइकिल वितरण योजना की भी गत बिगडऩे की आशंका बलवती हो गई है। अगर गत शिक्षा सत्र की तरह नए शिक्षा सत्र में भी पढ़ाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आती है तो पूरी संभावना है कि साइकिल वितरण योजना भी शिक्षा सत्र 2022-23 में जाकर ही सिरे चढ़ सकेगी। ऐसे में साइकिल के लिए पात्र छात्राओं का बैकलॉग बढ़ता जाएगा।
एक साथ तीन शिक्षा सत्र की बालिकाओं को साइकिलें देनी होंगी। ऐसे में तय है कि बैकलॉग बढऩे से साइकिल वितरण योजना की गत बिगड़ेगी। जिले से लेकर प्रदेश भर में तीन साल का बैकलॉग होने से साइकिलों की खरीद, असम्बेलिंग एवं वितरण कार्य शिक्षा विभाग के बूते से बाहर हो जाएगा। साथ ही उन छात्राओं को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है जो अगले शिक्षा सत्र में सरकारी से निजी विद्यालय में नामांकन करवा ले। क्योंकि इस योजना का लाभ केवल सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को ही मिलता है। केवल शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉक में ही अल्पसंख्यक वर्ग की निजी स्कूलों में अध्ययनरत छात्राओं को साइकिलें दी जाती हैं। इस श्रेणी में केवल हनुमानगढ़ ब्लॉक आता है।