सबने की बड़ी-बड़ी बातें, नहीं टला पानी का संकट
-भाखड़ा नहर में अब तक नहीं चल पाया तय शेयर के अनुसार पानी
-अब आईजीएनपी की बंदी आगे खिसकने से भाखड़ा क्षेत्र के किसानों की बढ़ी मुश्किलें
हनुमानगढ़. नहरी पानी मामले में करीब सवा महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं। मगर अभी तक भाखड़ा क्षेत्र के किसानों के खेतों तक सिंचाइ पानी नहीं पहुंचा। कलक्ट्रेट घेरने के दौरान किसानों में उम्मीद जगी थी कि राज्य सरकार इस मामले में गंभीर होगी। सांसद हनुमान बेनीवाल के आंदोलन में कूदने के बाद किसानों में खूब जोश बना। किसानों को सिंचाई पानी दिलाने के लिए सभी ने बड़ी-बड़ी बातें की। लेकिन भाखड़ा नहर से सिंचाई पानी का संकट अब तक नहीं टला। इस दौरान पंजाब सीएम के साथ वार्ता भी हुई। परंतु पंजाब सीएम के अचानक यूटर्न लेने के बाद भाखड़ा किसानों की सारी उम्मीदें अब धूमिल हो रही है। इंदिरागांधी नहर में बंदी खत्म होने के बाद आगे चार से पांच जून तक भाखड़ा नहर में तय शेयर के अनुसार पानी मिलने की संभावना है। इस बीच इंदिरागांधी नहर में बंदी की अवधि चार दिन बढ़ाने से भाखड़ा क्षेत्र की मुश्किलें और बढ़ गई है। 25 मई की बात करें तो भाखड़ा नहर में 100 क्यूसेक पानी चल रहा था। जबकि इसका बीबीएमबी में शेयर 850 क्यूसेक निर्धारित है।
पहले यह थी स्थिति
इंदिरागांधी मुख्य नहर राजस्थान भाग व इंदिरागांधी फीडर पंजाब भाग में मरम्मत कार्य चलने के कारण अभी बंदी चल रही है। पहले 25 मई को इसमें बंदी खत्म होनी थी। लेकिन पंजाब की मांग पर बंदी अवधि बढ़ाकर अब 29 मई कर दी गई है। अब तीस मई की सुबह हरिके हैड से राजस्थान के लिए पानी छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद तीन-चार जून तक भाखड़ा नहर में भी पानी मिलने की उम्मीद है।
…….वर्जन….
भाखड़ा नहर में 25 मई को 100 क्यूसेक पानी चल रहा था। इससे पेयजल की मांग किसी तरह पूरी हो रही है। पंजाब से समन्वय कर अधिकतम पानी लेने का प्रयास कर रहे हैं।
-रामाकिशन, एक्सईएन, जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़
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