9 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाई को भेजा परीक्षा देने, पकड़ा तो बोला, ‘सीट रोकने आया’

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. पहले तो एक युवक किसी और की जगह आरएससीआईटी की परीक्षा देने परीक्षा केन्द्र पहुंच गया। प्रवेश फार्म की फोटो से मिलान नहीं होने पर पकड़ा गया तो बोला कि मेरे भाई ने भेजा है।

2 min read
Google source verification
भाई को भेजा परीक्षा देने, पकड़ा तो बोला, 'सीट रोकने आया'

भाई को भेजा परीक्षा देने, पकड़ा तो बोला, 'सीट रोकने आया'

भाई को भेजा परीक्षा देने, पकड़ा तो बोला, 'सीट रोकने आया'
- आरएससीआईटी की परीक्षा में पकड़ा फर्जी परीक्षार्थी
- सूचना मिलने पर पुलिस ने कहा पकड़कर थाने ले आओ
हनुमानगढ़. पहले तो एक युवक किसी और की जगह आरएससीआईटी की परीक्षा देने परीक्षा केन्द्र पहुंच गया। प्रवेश फार्म की फोटो से मिलान नहीं होने पर पकड़ा गया तो बोला कि मेरे भाई ने भेजा है। उसने परीक्षा केन्द्र जाकर सीट रोकने के लिए कहा था। वह परीक्षा देने आ रहा है। थोड़ी देर बाद फर्जी परीक्षार्थी ने अपने भाई को भी बुला लिया। दोनों ने ही परीक्षा का मजाक बनाते हुए एक ही बात दोहराई। पुलिस को सूचना दी गई तो जवाब मिला कि दोनों को पकड़कर खुद ही थाने ले आओ। काफी समय तक चले इस ड्रामे का अंत आखिरकार केवल समझाइश और फर्जी परीक्षार्थी को चेतावनी देकर छोडऩे से हुआ। इस संबंध में कोई मामला वगैरह दर्ज नहीं कराया गया। जंक्शन स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्थापित परीक्षा केन्द्र में रविवार को यह गड़बड़झाला पकड़ में आया।
जानकारी के अनुसार वर्धमान खुला विश्वविद्यालय कोटा की ओर से आरएससीआईटी परीक्षा के लिए जिले के ऑब्जर्वर नियुक्त प्रो. आरके जैन रविवार को करीब साढ़े ग्यारह बजे जंक्शन स्थित राउमावि में स्थापित परीक्षा केन्द्र पहुंचे। परीक्षा शुरू होने का समय दोपहर बारह बजे का था। ऑब्जर्वर प्रो. जैन ने बताया कि करीब पौने बारह बजे एक युवक परीक्षा केन्द्र पहुंचा। जब वह परीक्षा कक्ष में जाने लगा तो परीक्षक ने प्रवेश पत्र से उसकी फोटो का मिलान किया। परीक्षक ने कहा कि प्रवेश फार्म लगी फोटो आपकी नहीं है। युवक ने बहस करते हुए कहा कि फोटो की छपाई सही नहीं हुई है। प्रवेश पत्र उसका ही है। परीक्षक उसे प्राचार्य के पास ले गया। वहां प्रो. आरके जैन ने युवक से गहन पूछताछ की तो उसने स्वीकारा कि यह उसका प्रवेश पत्र नहीं है। उसके भाई का है जो बाहर खड़ा है। उसने परीक्षा केन्द्र में सीट रोकने के लिए उसे भेजा था। प्रो. जैन ने प्रवेश पत्र जब्त कर उसे भाई को बुलाकर लाने को कहा। थोड़ी देर बाद फर्जी परीक्षार्थी एक युवक के साथ आया। उसने भी सीट रोकने की बात दोहराई। इसके बाद प्रो. जैन ने उनको परीक्षा में शामिल करने से मना करते हुए पुलिस को सूचना दी। गौरतलब है कि कुछ समय पहले तक आरएससीआईटी की परीक्षा निजी शिक्षण संस्थाओं में स्थापित परीक्षा केन्द्रों पर भी कराई जाती थी। अब इसे बंद कर दिया गया है। केवल राजकीय विद्यालयों में बनाए गए केन्द्रों पर ही परीक्षा होती है।
नहीं आई पुलिस
ऑब्जर्वर प्रो. आरके जैन ने बताया कि जंक्शन थाने में मोबाइल नम्बर 9828711880 पर सूचना दी कि फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा है। पुलिस से जवाब मिला कि उनको पकड़कर खुद ही थाने ले आओ। इससे परेशान ऑब्जर्वर ने डीईओ माध्यमिक हंसराज जाजेवाल को मौके पर बुलाया तथा मामले की जानकारी दी। इसके बाद ऑब्जर्वर पीलीबंगा निरीक्षण करने के लिए रवाना हो गए। इसी बीच परीक्षार्थी तथा उसके कथित भाई के परिजन आदि विद्यालय पहुंच गए। आखिरकार डीईओ व अन्य की मौजूदगी में दोनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। प्रो. आरके जैन ने बताया कि शाम को उनके पास पुलिस का फोन आया कि आप फर्जी परीक्षार्थी को लेकर थाने नहीं आए।