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कहीं दूध फैलाया तो कहीं रूहअफजा मिलाकर लगाई छबील

दूध वितरण पर हुआ विवाद गौशाला संचालकों व किसानों में झड़प

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farmer against government system

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पीलीबंगा. राष्ट्रीय किसान संगठन के कार्यकर्ताओं की ओर से शनिवार को दूसरे दिन में शहर में दूध व सब्जी आदि खाद्यसामग्री सप्लाई नहीं करने को लेकर आंदोलन जारी रहा। कार्यकर्ताओं ने शहर के चारों दिशाओं में नाकेबंदी कर वाहनचालकों को रोका व चेक करने पर वाहन में मिले दूध को जब्त कर लिया। प्रेमपुरा में किसान खेत मजदूर कांग्रेस तहसील अध्यक्ष सुरेन्द्र डेलू के नेतृत्व में शनिवार सुबह किसानों व ग्रामीणों ने बाइक पर दूध की टंकी ले जाते एक विक्रेता को रोक लिया व टंकी में रखा करीब 40 लीटर दूध गरीबों के घरों में वितरित कर दिया।

किसानों ने दूध विक्रेता को दस जून तक दूध सप्लाई नहीं करने की चेतावनी दी। पीबीएन वितरिका के पास किसानों ने प्रदर्शन के दौरान वाहनों से जब्त किए दूध से मीठे पानी की छबील बनाकर राहगीरों व वाहनचालकों को पिलाई। कार्यकर्ताओं ने छबील में मीठे व ठण्डे पानी की छबील के दौरान वाहनों को भी चेक किया।

कार्यकर्ताओं ने बताया कि शनिवार तड़के करीब चार बजे सुंदरसिंहवाला की ओर से एक एम्बुलेंस आई उन्होंने मरीज समझकर चेक नहीं की बाद में सुंदरसिंहवाला के कुछ ग्रामीण पीछे से वितरिका पर आए तथा आंदोलन कर रहे किसानों को एम्बुलेंस में दूध की टंकिया शहर में सप्लाई के लिए ले जाने की बात कही। कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में पुलिस को सूचना दी। मौके पर आई पुलिस ने एम्बुलेंस संचालक को आगे दूध नहीं लाने की हिदायत का आश्वासन देकर किसानों को शांत किया।

गौशाला संचालकों व कार्यकर्ताओं में विवाद
शुक्रवार देर शाम स्थानीय गौशाला से गौशाला कार्मिक टंकी में दूध लेकर पुराने व्यापारमंडल भवन मे पास वितरण के लिए आया तो भनक लगते ही किसान संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए तथा दूध वितरण करने के लिए मना किया इससे गौशाला संचालकों तथा कार्यकारिणी सहित दूध लेने वाले ग्राहकों की किसानों के साथ झड़प हो गई।

दूध लेने वाली महिलाओं ने भी आंदोलनकारियों का विरोध किया। आंदोलनकारियों ने टंकियों से करीब 60 किलो दूध नीचे गिरा दिया व कुछ इधर उधर बांट दिया इससे विवाद और अधिक बढ गया। गौशाला संचालकों ने उनके द्वारा वितरण किया जा रहा दूध स्थानीय गौशाला से लाना बताया न कि गांवों से। बाद में व्यापारियों द्वारा किसानों को समझाने पर वे चले गए।

शनिवार सुबह पुराने व्यापारमंडल भवन के पास स्थानीय पुलिस भी पहुंची ताकि उनकी मौजूदगी में गौशाला का दूध वितरण हो सके लेकिन कमेटी ने गौशाला में ही दूध वितरण करने का निर्णय लिया इस पर पुराने व्यापारमंडल के पास नियमित दूध लेने वाले उपभोक्ताओं को मजबूरन गौशाला जाकर दूध लेना पड़ा।

शनिवार सुबह सात बजे अरोड़वंश धर्मशाला के सामने दो दूध विक्रेताओं को किसानों ने रोक लिया तथा आपसी झड़प के बाद उनकी दूध की टंकियों को पीबीएन वितरिका पर ले गए वहां दूध की छबील बना ली। माणकथेड़ी में किसानों व ग्रामीणों ने शनिवार को रामदेव मंदिर के पास प्रदर्शन किया तथा दूध विक्रेताओं को शहर में नहीं जाने दिया। इस मौके पर डीवाईएफआई तहसील उपाध्यक्ष अमरसिंह भांभू, शफी मोहम्मद, कृष्ण भांभू, सुभाष वर्मा व पवन गेदर आदि मौजूद थे।

प्रधान की किसानों से अपील
उधर पंचायत समिति प्रधान प्रेमराज जाखड़ ने किसानों से अपील की है कि किसान दूध सड़क व्यर्थ में बहाने की जगह दूध विक्रेताओं से जब्त किए गए दूध को गरीबों में बांट दें।