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पहले 60 करोड़ की डीपीआर तैयार होगी, निविदा लगेगी फिर शुरू होगा काम

पहले 60 करोड़ की डीपीआर तैयार होगी, निविदा लगेगी फिर शुरू होगा काम- इस कार्यवाही को लेंगगे दो से तीन माहहनुमानगढ़. शहर में पेयजल पाइपलाइनों के सुधार के लिए पहले 60 करोड़ की डीपीआर तैयार होगी।

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पहले 60 करोड़ की डीपीआर तैयार होगी, निविदा लगेगी फिर शुरू होगा काम

पहले 60 करोड़ की डीपीआर तैयार होगी, निविदा लगेगी फिर शुरू होगा काम

पहले 60 करोड़ की डीपीआर तैयार होगी, निविदा लगेगी फिर शुरू होगा काम
- इस कार्यवाही को लेंगगे दो से तीन माह
हनुमानगढ़. शहर में पेयजल पाइपलाइनों के सुधार के लिए पहले 60 करोड़ की डीपीआर तैयार होगी। यह डीपीआर प्रदेश स्तर पर तैयार करवाई जाएगी। राज्य सरकार किसी एजेंसी के अंतर्गत एकल डीपीआर तैयार कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगेगी। यह कार्य अमृत योजना टू के तहत होगा। दरअसल आरयूआईडीपी का 282 करोड़ का प्रोजेक्ट फेल होने के कारण विभिन्न चरणों में कार्य करवाया जाएगा। प्रथम चरण में 60 करोड़ की स्वीकृति मिली है। इस राशि से 2051 जनसंख्या के मुताबिक पेयजल उपलब्धता को लेकर काम होगा। अबोहर बाइपास पर स्थित मुख्य वाटर वक्र्स में खुदाई की गई 36 एमएलडी डिग्गी का कार्य पूरा किया जाएगा। वर्तमान में हनुमानगढ़ शहर में केवल 12 एमएलडी की स्टोरेज डिग्गी है। इस पर करीब 16 करोड़ की लागत आएगी। इसके अलावा कई वार्डों में नहरी पानी की सप्लाई के लिए पेयजल पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी। गौरतलब है कि पीएचईडी ने 146 करोड़ की डीपीआर तैयार की थी। इसके तहत अबोहर बाइपास मुख्य वाटर वक्र्स पर 72 एमएलडी के दो आरडब्ल्यूआर का निर्माण करने का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके अलावा एक फिल्टर प्लांट और 49 एमएलडी का सीडब्ल्यूआर का निर्माण की योजना तैयार की थी। एक सीडब्ल्यूआर का निर्माण पुरानी खुंजा इलाके में अलग से बनाने की योजना भी डीपीआर में शामिल की थी। टाउन व जंक्शन में मुख्य पेयजल पाइपलाइनें और इन पाइपलाइन से डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइनें डालने की योजना थी। इससे पूर्व करीब 250 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। इसमें आरयूआईडीपी के 281 करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत पेयजल से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किया था। 146 करोड़ का बजट अमृत-2 योजना के तहत मांगा गया था। इसमें से 60 करोड़ की स्वीकृति मिली है।

डोर-टू-डोर मीटर लगाने की योजना फेल
146 करोड़ की डीपीआर में घरों में पेयजल से संबंधित मीटर लगाने की भी योजना थी। करीब चालीस हजार घरों के कनेक्शन किए जाने थे। दरअसल यह प्लानिंग 281 करोड़ के प्रोजेक्ट में शामिल थी। शहर की करीब दो लाख आबादी के घरों में प्रति व्यक्ति 500 लीटर नहरी पानी देने की योजना थी। आरयूआईडीपी का दावा था पेयजल सप्लाई का प्रेशर इतना अधिक होगा कि प्रथम व द्वितीय मंजिल पर रखी टंकी पर पानी पहुंच जाएगा। इसके लिए मोटर की आवश्यकता नहीं होगी और पेयजल की सप्लाई भी 24 घंटे के दावे किए थे। प्रथम चरण में डोर-टू-डोर पेयजल मीटर नहीं लगेंगे।

522 किलोमीटर पेयजल पाइप लाइन
आरयूआईडीपी को शहर के 60 वार्डों में 522 किलोमीटर में पेयजल पाइप लाइन डालनी थी। मुख्य पाइप लाइन बीस किलोमीटर डाली जानी चाहिए। जो डीपीआर तैयार होगी, उसमें नए क्षेत्रों को ही शामिल किया जाएगा।

संगरिया में जल्द शुरू होगा काम
संगरिया क्षेत्र में पौने चार करोड़ की लागत से पेयजल सुधार कार्य होगा। पीएचईडी की ओर से इसकी निविदा जारी की जा रही है। इसके अंतर्गत वार्ड एक में उच्च जलाश्य व वाटर वक्र्स में सुधार कार्य व अन्य कार्यों को शामिल किया गया है।

414 लाख के लिए नप को लिखा पत्र
उधर, शहर में पीएचईडी की ओर से टाउन में हिसारिया अस्पताल के सामने एक उच्चजलाश्य व सीडब्ल्यूआर का निर्माण किया जाना है। वर्तमान में बिहारी बस्ती स्थित वाटर वक्र्स में एक सीडब्ल्यूआर है। इसकी पानी स्टोरेज की क्षमता 12 लाख लीटर की है। जबकि एक उच्च जलाश्य में पानी स्टोरेज की क्षमता 10 लाख लीटर है। यह कार्य 414 लाख रुपए में होना प्रस्तावित है। पीएचईडी के अधिकारियों के मुताबिक यह राशि नगर परिषद उनके खाते में जमा करवाएगी। नगर परिषद को राज्य सरकार ने जमा करवाएगी। इसके लिए नगर परिषद को पत्र लिखा गया है।

डीपीआर के लिए जारी होगी निविदा
राज्य स्तर पर एकल डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके लिए ऑनलाइन निविदा जारी होगी। प्रथम स्तर पर 6 करोड़ की लागत अमृत टू के तहत कार्य होगा। शहरी क्षेत्र में कई कार्य होने है, 414 लाख रुपए की राशि नगर परिषद की ओर से मिलनी है। इसके लिए नगर परिषद को पत्र लिखा गया है।
दिनेश कूकणा, अधिशासी अभियंता, पीएचईडी