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खजूर बागों में अच्छी फ्लावरिंग, किसान होंगे मालामाल

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. इस बार क्षेत्र के खजूर बागों में अच्छी फ्लावरिंग हो रही है। इससे किसान उत्साहित हो रहे हैं। मौसम ने इसी तरह आगे भी साथ दिया तो इस बार अच्छा उत्पादन होने के आसार हैं।  

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खजूर बागों में अच्छी फ्लावरिंग, किसान होंगे मालामाल
हनुमानगढ़. इस बार क्षेत्र के खजूर बागों में अच्छी फ्लावरिंग हो रही है। इससे किसान उत्साहित हो रहे हैं। मौसम ने इसी तरह आगे भी साथ दिया तो इस बार अच्छा उत्पादन होने के आसार हैं। परंपरागत के साथ ही हनुमानगढ़ जिले के किसान अब खजूर की खेती में भी हाथ अजमा रहे हंै। इसकी खेती से अच्छी आमदनी होने के चलते जिले में खजूर उत्पादक किसानों की संख्या बढ़ रही है।
जिले के प्रगतिशील किसान विजय सिंह गोदारा के अनुसार परंपरागत खेती में गेहूं व कपास की फसल उगाने पर उतनी आमदनी नहीं होती। लेकिन खजूर की खेती से अच्छी आय हो जाती है। अबकी बार बागों में अच्छे फूल लगे हैं। इससे अच्छे उत्पादन की उम्मीद है। जिले की बात करें तो कुल 135 हेक्टेयर में खजूर की खेती हो रही है। करीब पचास किसान इसकी खेती कर रहे हैं। वर्तमान में फूल लगने की प्रक्रिया पूर्ण होने पर आगे अगस्त तक फल तैयार होकर बाजार में आएंगे। उद्यान विभाग के अधिकारी किसानों को खजूर की संभाल के बारे में लगातार ट्रेनिंग दे रहे हैं।
ताकि अधिकाधिक उत्पादन लिया जा सके। उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में खजूर की अच्छी खेती हो रही है। गत बरसों में बंग्लादेश भी खजूर गया था। दक्षिण के राज्यों में इसकी खूब मांग रहती है। खजूर के बाग को खारे पानी से भी सिंचित किया जा सकता है। जमीन में खारे पानी की कमी नहीं है। इसलिए खेती में यह बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। एक हैक्टेयर में कुल 156 पौधे लगते हैं। इसमें 148 मादा व आठ पौधे नर के लगते हैं। जिले में प्रति पौधा 80 किलो से 160 किलो तक उत्पादन हो रहा है। रेट भी ठीक मिल रहे हैं।
जिले में अबकी बार पांच लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में गेहूं, सरसों सहित अन्य रबी फसलें लगी हुई है। वर्तमान में सभी नहरों में सिंचाई पानी चलाया जा रहा है। इस माह के आखिर में अगेती फसलों की कटाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मौसम ने साथ दिया तो अपेक्षित उत्पादन हो सकता है। इससे करोड़ों की नकदी किसानों की जेब में आएगी।