हनुमानगढ़: कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने भरी हुंकार, टोल नाके पर हुई किसानों की महापंचायत

केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून के विरोध में जिले में आंदोलन जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को डबलीराठान के नजदीक टोल बूथ पर किसानों की महापंचायत हुई। इसमें हालांकि कुछ वक्ता नहीं पहुंचे।

 

By: Purushottam Jha

Published: 19 Feb 2021, 06:11 PM IST

हनुमानगढ़। केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून के विरोध में जिले में आंदोलन जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को डबलीराठान के नजदीक टोल बूथ पर किसानों की महापंचायत हुई। इसमें हालांकि कुछ वक्ता नहीं पहुंचे। मगर फिर महा पंचायत में काफी संख्या में किसानों व मजदूरों ने पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। साथ ही तीनों कृषि कानून के वापस होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। किसान नेता राजाराम मील ने कहा कि जब से तीनों कृषि कानून लागू हुए हैं, तब से लोगों में आग लगी हुई है। लोग खुद आंदोलनों में शामिल हो रहे हैं।

आंदोलन में शहीद हो रहे किसानों को सदियों तक याद रखा जाएगा। आने वाला समय इतिहास बनेगा। उन्होंने कहा कि अभी देश में जो आंदोलन चल रहा है, वह केवल किसानों का नहीं है। यह सबकी तकलीफ से जुड़ा है। खेती व किसानी को बचाने के लिए लोग आंदोलन कर रहे हैं। केंद्र सरकार किसानों को गरीबी में धकेलने का प्रयास कर रही है। देश की अर्थव्यवस्था में कृषि का कितना बड़ा योगदान है, यह कोरोना काल की जीडीपी ने जाहिर कर दिया है। अब केंद्र सरकार नए कृषि कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी तक नहीं दे रही है। इस स्थिति में किसानों की आमदनी कम हो जाएगी। बिहार का जिक्र कर कहा कि वहां के किसानों को दस से पंद्रह हजार की आय हो रही है।

जबकि राजस्थान में यह राशि 40 से 50 हजार रुपए है। पंजाब व हरियाणा में यह राशि और बढ़ जाती है। मील ने कहा कि केंद्र सरकार देश को छांट-छांट कर मार रही है। हरियाणा में भाजपा की सरकार है तो वहां पर बाजरे की खरीद करती है लेकिन राजस्थान में नहीं करती। मुख्य वक्ता अमरा राम ने कहा कि तीनों कृषि कानून के विरोध में संयुक्त मोर्चा डटा हुआ है। देश भर में आंदोलन चल रहे हैं। सरकार को तीनों कानून वापस लेने को मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही कहा कि मोदी सरकार लोकतंत्र को खत्म करने पर तुली हुई है। बिना चर्चा , बिना वोटिंग, अध्यादेश लाकर मोदी सरकार ने तीन कृषि कानून देश पर थोपे हंै। तीनो कानून किसान, मजदूर एवं छोटे व्यापारियों को आर्थिक गुलामी की तरफ ले जाने वाले हैं।

झंडा ऊंचा रहे हमारा
डबलीराठान के पास टोल बूथ पर हुई किसान महा पंचायत में तिरंगे का जिक्र भी खूब हुआ। इस दौरान मंच पर कुछ युवा तिरंगा लहारते नजर आए। एक बालक भी हाथ में आंदोलन का प्रतीक संबंधी झंडा हाथ में लिए खड़ा रहा। जो किसान महा पंचायत में आकर्षण का केंद्र रहा। किसान महापंचायत में स्थानीय कलाकारों ने क्रांतिकारी गीतों से किसानों में जोश भरा। जन नाट््य मंच के कलाकरों ने बीएस पेंटर के नेतृत्व में कृषि बिलों के विरोध में तथा किसानों की हिम्मत बढ़ाने के लिए कई तरह की प्रस्तुतियां दी।

सरकारी खरीद बिना किसानों को बड़ा नुकसान
किसान महा पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिले में ही सरकारी खरीद नहीं होने के कारण किसानों को प्रति वर्ष ४००-५०० करोड़ का नुकसान हो रहा है। क्योंकि सरकार निर्धारित न्यूनतम दरों पर किसानों की फसल नहीं खरीदती है।

नहीं आए यादव
डबलीराठान के नजदीक टोल बूथ पर हुई किसान महापंचायत में योगेंद्र यादव व बलवीर सिंह राजेवाला नहीं पहुंचे। राजेवाला के प्रतिनिधि ने महा पंचायत में जरूर शिरकत की। कृषि संबंधी मुद्दों पर हमेशा सतर्क रहने वाले योगेंद्र यादव के महा पंचायत में पहुंचने का ऐलान मंच से हालांकि बार-बार होता रहा। लेकिन जैसे ही उनके नहीं पहुंचने की सूचना मिली, लोग लौटने लगे।

झूठ को सच साबित करने में लगे हैं
किसानों की महा पंचायत में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के नुमाइंदे लाखों झूठ बोल रहे हैं। आईटी सैल की टीम इस झूठ को सच साबित करने में लगी रहती है। जबकि देश के हालात ऐसे हैं कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन इसकी कोई फिक्र नहीं कर रहा। किसान आंदोलन का जिक्र कर कहा कि इस आंदोलन को भी भाजपा नेताओं ने कई संबोधन दिए हैं। परंतु देश की जनता असलियत देख रही है।

यह रहे मौजूद
डबलीराठान के पास हुई किसान महापंचायत को राजाराम मील, अमराराम के साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा की 40 मैम्बरी कमेटी के सदस्यों ने संबोधित किया। इसमें मेजर सिंह, अवतार सिंह, तारासिंह सिद्धू, पूर्व डीआईजी कृष्ण जाखड़, राकेश बिश्नोई, रामेश्वर वर्मा, रघुवीर सिंह वर्मा, जगजीत सिंह जग्गी, गोपाल बिश्नोई पीलीबंगा, कालू थोरी रावला, रोबिन खोसा, रेशम सिंह मानुका, सौरभ राठौड़, बीएस पेंटर, बहादुर सिंह चौहान, शेर सिंह, मंगेज चौधरी, सरपंच बलदेव सिंह, आत्मा सिंह, गुरदीप सिंह चहल, अमित गोदारा, ओम स्वामी, मनप्रीत सिंह, जवाहर सिंह सरां, जीतूसिंह, गोरा मान, मन्नू मान, करणवीर सिंह, गुरपविंद्र सिंह, सुखराज सिंह, भल्लासिंह मान, काला पहलवान, मलकीत सिंह, चंद्रकला वर्मा, बलतेज सिंह, दलीप सिंह सेखो, कृष्ण जाखड़, मनीराम मेघवाल व आर्किटैक्ट ओम बिश्नोई आदि मौजूद थे।

Purushottam Jha Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned