7 दिसंबर 2025,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी देने वाले हैड कांस्टेबल की एसपी ने सुनी समस्या

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. हैड कांस्टेबल के परिवार सहित सामूहिक आत्महत्या की स्वीकृति मांगने के मामले में मंगलवार को एसपी राशि डोगरा ने संबंधित पुलिसकर्मी से बात कर उसकी समस्या सुनी। हैड कांस्टेबल के आरोपों की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इसकी जिले के बाहर के किसी अधिकारी से जांच कराने को लेकर आईजी से दिशा-निर्देश मांगे जाने की बात कही।

less than 1 minute read
Google source verification
सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी देने वाले हैड कांस्टेबल की एसपी ने सुनी समस्या

सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी देने वाले हैड कांस्टेबल की एसपी ने सुनी समस्या

सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी देने वाले हैड कांस्टेबल की एसपी ने सुनी समस्या
- परिवार सहित सामूहिक आत्महत्या की स्वीकृति मांगने का मामला
- राज्यपाल को भेजा सात पेज का पत्र
हनुमानगढ़. हैड कांस्टेबल के परिवार सहित सामूहिक आत्महत्या की स्वीकृति मांगने के मामले में मंगलवार को एसपी राशि डोगरा ने संबंधित पुलिसकर्मी से बात कर उसकी समस्या सुनी। हैड कांस्टेबल के आरोपों की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इसकी जिले के बाहर के किसी अधिकारी से जांच कराने को लेकर आईजी से दिशा-निर्देश मांगे जाने की बात कही। वहीं हैड कांस्टेबल कैलाशचंद्र ने अपनी पीड़ा बताते हुए राज्यपाल से सामूहिक आत्महत्या की स्वीकृति मांगने की वजह की जानकारी दी। हालांकि एसपी से मिलने के बाद हैड कांस्टेबल ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उसकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया।
गौरतलब है कि रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात हैड कांस्टेबल कैलाशचंद्र ने सोमवार को राज्यपाल को सात पेज का पत्र भेजा। इसमें पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि उसे एएसआई की पदोन्नति परीक्षा से दुर्भावनापूर्वक वंचित किया गया। रिजर्व पुलिस लाइन के हवलदार मेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए पत्र में लिखा कि लाइन में कई लोगों ने अपना गुट बना रखा है। वे मनमानी करते हैं। लाइन का हवलदार मेजर अपमानित कर रिकॉर्ड खराब करने की धमकी देता है। सड़क हादसे में घायल होने के एक माह बाद ही उसकी जान बूझकर हार्डकोर अपराधियों को अजमेर जेल छोडऩे की ड्यूटी लगाई गई। अत: राज्यपाल मामले की निष्पक्ष जांच का आदेश देकर राहत दिलाए।