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हनुमानगढ़: सब्जी सड़क पर फेंककर रेहड़ीवालों ने जताया रोष, यातायात थाना प्रभारी से उलझे रेहड़ी संचालक

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. लॉकडाउन लागू होने के बाद से ही सब्जी मंडी में व्यवस्था बनाना जिला प्रशासन व पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। उचित प्लानिंग नहीं होने के कारण रेहड़ी संचालकों व प्रशासन में लगातार विवाद हो रहा है।  

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हनुमानगढ़: सब्जी सड़क पर फेंककर रेहड़ीवालों ने जताया रोष

हनुमानगढ़: सब्जी सड़क पर फेंककर रेहड़ीवालों ने जताया रोष

हनुमानगढ़: सब्जी सड़क पर फेंककर रेहड़ीवालों ने जताया रोष
-यातायात थाना प्रभारी अनिल चिंदा से उलझे रेहड़ी संचालक

हनुमानगढ़. लॉकडाउन लागू होने के बाद से ही सब्जी मंडी में व्यवस्था बनाना जिला प्रशासन व पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। उचित प्लानिंग नहीं होने के कारण रेहड़ी संचालकों व प्रशासन में लगातार विवाद हो रहा है। गुरुवार को फिर विवाद होने पर आक्रोशित रेहड़ी संचालकों ने मेन बाजार के पास सब्जी सड़क पर फेंक दी। साथ ही ट्रेफिक पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाया। वहीं पुलिस अधिकारियों ने रेहड़ी संचालकों को गलियों में डोर-टू-डोर जाकर फल-सब्जी विक्रय करने की बात कही। दूसरी तरफ रेहड़ी संचालकों ने प्रशासन पर भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए मांग की कि प्रशासन या तो सब्जी मंडी को पूर्णतया बंद कर दे और सब्जी मंडी में लगने वाली दुकानों के दुकानदारों को भी गलियों में जाकर सब्जी-फल बेचने की व्यवस्था की जाए। अन्यथा प्रशासन रेहड़ी संचालकों को भी मुख्य बाजार में 11 बजे तक रेहडिय़ां लगाने की अनुमति दे। गुरुवार को यातायात शाखा प्रभारी अनिल चिन्दा ने रेहड़ी संचालकों को गलियों में घर-घर जाकर फल-सब्जी विक्रय करने के लिए समझाइश की। इस दौरान फल की रेहड़ी लगाने वालों का कहना था कि वह सुबह पांच बजे थोक सब्जी मंडी में आकर फल-सब्जी खरीदते हैं। जितना सामान खरीदते हैं वह दो-तीन घंटे में बिकता नहीं। लेकिन पुलिस कर्मी निर्धारित समय से पहले आकर उन्हें बाजार से भगा देते हैं। उन पर डंडे बरसाते हैं। रेहड़ी पर रखे कांटे उठाकर ले जाते हैं। गलियों में जाते हैं तो वहां भी परेशान किया जाता है। सभी ने मांग की कि 11 बजे तक बाजार में रेहडिय़ां लगाने की अनुमति प्रशासन दे। क्योंकि तब तक अधिकतर फल-सब्जी की बिक्री हो जाती है। शेष सामान वे गलियों में जाकर बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन साढ़े 9-10 बजे आकर डंडे बरसाकर मुख्य बाजार से भगा देता है। विरोध करने पर चालान काट देते हैं। कोरोना काल के इन हालातों में वे रेहड़ी नहीं लगा पा रहे। अगर प्रशासन उन्हें इसी तरह परेशान करता रहा तो उनके परिवारों के भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। एक रेहड़ी संचालक का कहना था कि सब्जी मंडी यार्ड में स्थाई रूप से लगने वाली सब्जी की दुकानें 11 बजे तक खुली रखने की अनुमति है। जबकि रेहड़ी लगाने वाले फल-सब्जी विक्रेताओं को बाजार में रेहड़ी लगाने पर 11 बजे से पहले ही भगा दिया जाता है।

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