लोकसभा की जल संबंधी स्थायी समिति की बैठक में सांसद ने जल विवाद का मुद्दा उठाया
सांसद निहालचंद बोले, राजस्थान को मिले हक का पूरा पानी
हनुमानगढ़. लोकसभा की जल संबंधी स्थायी समिति की अहम बैठक शुक्रवार को चंडीगढ़ में हुई। इसमें राजस्थान और पंजाब के जल विवाद का मुद्दा उठाया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री व श्रीगंगानगर से लोकसभा सांसद निहाल चंद ने इस अहम मुद्दे को उठाया। बैठक में सांसद निहाल चंद के अलावा लोकसभा की जल संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष परबतभाई सवाभाई पटेल, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, केन्द्रीय जल आयोग के अध्यक्ष कुशविंदर वोहरा, केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड के अध्यक्ष सुनील कुमार समेत केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारी, पंजाब सरकार के प्रतिनिधि व अन्य सदस्य शामिल हुए। बैठक में सांसद निहालचंद ने कहा कि इंदिरा गांधी नहर में राजस्थान-पंजाब जल समझौते के अनुसार राजस्थान को 8.6 एमएफ पानी मिलना तय हुआ था। लेकिन समझौते के अनुसार आज तक राजस्थान को पानी नहीं मिला। राजस्थान को हिस्से का पूरा पानी मिले, इसके लिए प्रयास करने की बात कही। इसके अलावा सरहिंद टेल गेट, भाखड़ा का 0 हेड, गंग कैनाल का शिवपुर हेड, लोहागढ़ 496 का मरम्मत कार्य राजस्थान प्रदेश को दिया जाए। ताकि इनकी सही मरम्मत करके गेज का रख.रखाव सही ढंग से हो सके। पंजाब- राजस्थान व हरियाणा के पानी के बंटवारे का नियंत्रण बीबीएमबी के स्थान पर केंद्र सरकार के नियंत्रण में देने का सुझाव दिया। ताकि शेयर का बंटवारा सही ढंग से हो सके। बीबीएमबी में राजस्थान प्रदेश से भी प्रतिनिधित्व की स्थायी नियुक्ति देने की बात कही गई। पौंग बांध को 1400 फीट तक भरने, नहरी क्षेत्र में प्रदूषण को दूर करने पर चर्चा की। समिति ने राजस्थान प्रदेश को उसके हिस्से का पूरा पानी उपलब्ध करवाने और प्रदूषित पानी की रोकथाम के लिए पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए। साथ ही बीबीएमबी को इन सभी विषयों पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा। पंजाब द्वारा राजस्थान और हरियाणा को पानी के बंटवारे का अधिकार पंजाब के स्थान पर केंद्र के अधीन करने के संबंध में प्रस्ताव जल्द केंद्र सरकार को भेजने पर सहमति बनी। लोकसभा की जल संबंधी स्थायी समिति में शामिल सांसद व अन्य अधिकारी अन्य राज्यों में जाकर भी जल संबंधी मुद्दों को लेकर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इसके आधार पर भविष्य में केंद्र सरकार स्तर पर इनमें सुधार को लेकर प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे।