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एप से हाजिरी नहीं लगवाना संस्था प्रधानों को पड़ेगा भारी

सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था सुधार को लेकर शिक्षा विभाग निरंतर नवाचार कर तकनीक का खूब इस्तेमाल कर रहा है। शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने को लेकर भी अलग से शुरू किए गए शाला दर्पण शिक्षक मोबाइल एप का इस्तेमाल प्रारंभ किया जा चुका है।

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एप से हाजिरी नहीं लगवाना संस्था प्रधानों को पड़ेगा भारी

एप से हाजिरी नहीं लगवाना संस्था प्रधानों को पड़ेगा भारी

एप से हाजिरी नहीं लगवाना संस्था प्रधानों को पड़ेगा भारी
- शाला दर्पण शिक्षक एप से सभी राजकीय विद्यालयों में दस अक्टूबर के बाद से हाजिरी लगाना अनिवार्यर्
- जांच के दौरान एप से उपस्थिति दर्ज नहीं तो संबंधित पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
हनुमानगढ़. सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था सुधार को लेकर शिक्षा विभाग निरंतर नवाचार कर तकनीक का खूब इस्तेमाल कर रहा है। शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने को लेकर भी अलग से शुरू किए गए शाला दर्पण शिक्षक मोबाइल एप का इस्तेमाल प्रारंभ किया जा चुका है। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत केवल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ही इसे लागू किया गया है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर जिम्मेदारी तय कर दी है।
इसके तहत दो अक्टूबर व इसके बाद से तो ना केवल शिक्षक बल्कि विद्यार्थियों की उपस्थिति भी इस एप से दर्ज करनी होगी। इसमें कोताही बरतने पर संबंधित शिक्षक के साथ संस्था प्रधान पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही गई है।
यह हो सकेगा लाभ
इस प्रक्रिया से विद्यार्थियों की दिनांकवार उपस्थिति का रियल टाइम डेटा पूर्व में चल रहे शाला दर्पण पर उपस्थिति मोड्यूल से जुड़ जाएगा। इसके बाद यह डेटा विद्यालय लॉगिन ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर के कार्यालयों के लॉगिन पर सहज उपलब्ध होगा। इससे निगरानी में आसानी होगी।
करना होगा प्रमाणित
संस्था प्रधानों पर स्वयं तथा समस्त स्टाफ के मोबाइल फोन में उक्त एप इंस्टॉल कराने की जिम्मेदारी होगी। यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रतिदिन प्रत्येक विद्यार्थी की उपस्थिति एप पर अनिवार्यत: दर्ज हो। कक्षाध्यापकों की मैपिंग शाला दर्पण पोर्टल पर सुनिश्चित करनी होगी। कक्षाध्यापक की गैर हाजिरी में शाला दर्पण प्रभारी पोर्टल पर उपलब्ध मॉड्यूल में संबंधित कक्षा के विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करेंगे। विद्यार्थियों तथा स्टाफ की एप पर दर्ज उपस्थिति तथा पोर्टल पर प्रदर्शित उपस्थिति को संस्था प्रधानों को प्रमाणित करना होगा।
लग सकेगी लगाम
विद्यालय जाए बगैर रजिस्टर में उपस्थिति लगाने संबंधी शिकायतों पर इस नई प्रक्रिया से लगाम लग सकेगी। क्योंकि संबंधित शिक्षक को अपने मोबाइल फोन के जरिए ही अपनी व विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करनी होगी। कोई दूसरा शिक्षक अपने मोबाइल फोन की लॉगिन आईडी से अन्य शिक्षक की उपस्थिति नहीं लगा सकेगा। प्रथम चरण में केवल कक्षाध्यापकों को ही एप पर लॉगिन की सुविधा होगी। बाद के चरण में जो स्टाफ इस प्रक्रिया में शामिल होंगे उनकी उपस्थिति पोर्टल पर उपलब्ध मॉड्यूल से भरेंगे।
दूसरे कांलाश में देनी होगी सूचना
एप के जरिए जिन विद्यालयों में उपस्थिति दर्ज होगी उनमें पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। क्योंकि एप में प्रविष्ट किया गया उपस्थिति संबंधी डेटा तत्काल विद्यालय लॉगिन के उक्त मॉड्यूल में प्रदर्शित होगा। अत: द्वितीय कालांश में संस्था प्रधान को उपस्थिति नहीं भरने वालों की सूचना उपलब्ध कराने का जिम्मा शाला दर्पण प्रभारी होगा।