उचित मुआवजे की मांग तो दूर, कलक्टर को फरियाद सुनाने की मांग भी रही अधूरी
-गुलाबी सुंडी से नरमा-कपास की बर्बाद हुई फसल का दु:खड़ा सुनाने आए किसान लौटे मायूस
हनुमानगढ़. गुलाबी सुंडी से नरमा-कपास की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। खरीफ 2023 फसल में हुए खराबे की विशेष गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिलवाने की मांग को लेकर बुधवार को कपास उत्पादक किसान प्रो. ओम जांगू के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान किसानों ने हाथ में कपास के पौधे भी ले रखे थे। नारेबाजी करते हुए किसान जब कलक्ट्रेट पहुंचे तो वहां पुलिसकर्मियों ने जाने से रोका। किसानों ने कहा कि हम कलक्टर से मिलकर ज्ञापन देने आए हैं। ताकि सरकार तक तत्काल किसानों की मांग पहुंचाई जा सके। परंतु बार-बार प्रयास करने के बावजूद भी किसानों की मुलाकात कलक्टर से नहीं हो पाई।
इस दौरान ज्ञापन लेने पहुंची एसडीएम को किसानों ने ज्ञापन सौंपने से इनकार कर दिया। इसके बाद एसडीएम वापस लौट गई। काफी देर बाद एडीएम कपिल यादव किसानों के बीच पहुंचे। इसके बाद किसानों ने उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंपा। एडीएम के सामने किसानों ने कलक्टर की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। प्रो. ओम जांगू ने बताया कि सावणी की फसल नरमा को गुलाबी सुंडी चट कर गई है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों ने बड़े पैमाने पर फसल को बचाने के लिए खर्च किया। लेकिन अब जब चुगाई का समय आया तो वह उदास और रोने को मजबूर है। किसानों की आंखों का पानी नहीं सूख रहा।
इसके अलावा हाल ही में हुई बारिश से भी पकाव पर खड़ी ग्वार, मोठ, मूंग, बाजरा की फसल में काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि नरमा की फसल में 70 प्रतिशत से अधिक खराबा हुआ है। ओम जांगू ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से अनुमति देने के बाद जबसे नरमा के बीटी बीज में नॉन बीटी बीज मिलाया जा रहा है, तब से नरमा फसल में गुलाबी सुंडी का आक्रमण शुरू हुआ है। किसानों की फसल में गुलाबी सुंडी ने भारी नुकसान किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन गिरदावरी का एप कार्य नहीं कर रहा। इसके कारण किसान अपनी फसल की गिरदावरी की पिछले दो वर्ष की नकल प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने नरमा फसल के खराबे की विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को प्रति बीघा 50 हजार रुपए मुआवजा दिलवाने, ग्वार, मूंग, मोठ, बाजरी फसल में हुए नुकसान की भी विशेष गिरदावरी करवाने, बीटी में नॉन बीटी बीज की मिलावट को रोकने, तुरंत ऑनलाइन गिरदावरी व्यवस्था करने, गुलाबी सुंडी के खात्मे के लिए कृषि विभाग की ओर से अपने स्तर पर एकसाथ कीटनाशी का छिडक़ाव करवाने की मांग की। कुलविंद्र सिंह ढिल्लो, रेशम सिंह, प्रगट सिंह, प्रकाश सिंह, गुरबचन सिंह, आकाश मान, महंगा सिंह, विक्रम भाकर, शीशपाल सिंह, गुरतेज मान, कृष्ण ज्याणी, राजेंद्र गोदारा आदि मौजूद रहे।
आज आ सकती है रिपोर्ट
जिले में नरमा-कपास की फसल में गुलाबी सुंडी के प्रकोप से हुए नुकसान का सर्वे करके कृषि विभाग की संयुक्त टीम दो दिन पहले गई थी। अब इसकी रिपोर्ट गुरुवार तक आने की संभावना है। इसमें पता चलेगा कि जिले में गुलाबी सुंडी से नरमा-कपास की फसल को कितना नुकसान पहुंचा है।