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नहर में आई खतरे की केळी

नहर में आई खतरे की केळी- एक्सक्वेटर मशीनों से निकाल रहे बाहर- नहरों के एिल खतरनाक केळी

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नहर में आई खतरे की केळी

हनुमानगढ़/संगरिया. जीवनदायिनी भाखड़ा की सार्दुल ब्रांच नहर में बीते दिनों से पीछे से बहकर आ रही खरपतवार केळी का दबाब बढ़ रहा है। पानी के प्रवाह में बाधा आ रही है और नहर के लिए खतरा बनी हैं। हालांकि जल संसाधन विभाग अधिकारी जेसीबी की मदद से केळी निकालने के प्रयास कर रहे हैं लेकिन जिस तरह से केळी नहर में बहकर आ रही है, यह प्रयास नाकाम नजर आ रहे हैं।

पिछले तीन दिनों में आरडी 12 हैड ढ़ाबां (एक बीजीपी) क्षेत्र में चार व 82 आरडी पर एक जेसीबी से खरपतवार केळी के लगातार प्रवाह को रोकने व बाहर निकालने का कार्य दु्रत गति से हो रहा है। हालांकि इलाके के किसान भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उनका कहना है अगर केळी का दबाव बढ़ता गया तो नहर को खतरा हो सकता है। नहर वितरिका पूर्व अध्यक्ष विनोद कड़वासरा ने बताया कि दिन-रात काम चल रहा है। उम्मीद है कि स्थिति पर जल्द काबू पा लिया जाएगा।

विभागीय कार्मिकों का कहना है कि डैम क्षेत्र में केळी पैदा होती है और जाल टूटने के बाद नहर में पानी आने के साथ बहकर आती है। केळी काफी मात्रा में जमा हुई है। जिसे निकालने में एक्सक्वेटर मशीनें लगी हुई हैं। काफी तादाद में खरपतवार निकाली जा चुकी है। काम दु्रत गति से चल रहा है [पसं.]