20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हनुमानगढ़

राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सिख दंगों को याद कर कांग्रेस को कोसा

राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सिख दंगों को याद कर कांग्रेस को कोसा- भाषण में किसानों से संबधित योजना का किया बखान- किसान संगत के माध्यम से किसानों और सिख समाज से किया संवादहनुमानगढ़.भारतीय जनता पार्टी ने जिला मुख्यालय पर किसान संगत संवाद कार्यक्रम के माध्यम से हनुमानगढ़ जिले के किसानों और सिख समाज को पार्टी के प्रति साधने की कोशिश की और काफी हद तक सफल भी रहे।

Google source verification

राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सिख दंगों को याद कर कांग्रेस को कोसा
– भाषण में किसानों से संबधित योजना का किया बखान
– किसान संगत के माध्यम से किसानों और सिख समाज से किया संवाद
हनुमानगढ़.भारतीय जनता पार्टी ने जिला मुख्यालय पर किसान संगत संवाद कार्यक्रम के माध्यम से हनुमानगढ़ जिले के किसानों और सिख समाज को पार्टी के प्रति साधने की कोशिश की और काफी हद तक सफल भी रहे। दोनों जिलों की बड़ी संख्या में सिख संगत ने जेपी नड्डा का स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने भी केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की किसानों और सिख समाज के प्रति चलाई जा रही योजनाओं का बढ़-चढ़ कर वर्णन किया। कार्यक्रम का आयोजन जंक्शन स्थित जाट भवन में हुआ। खास बात यह थी कि ३१ मिनट का भाषण किसान व सिखों पर इर्द-गिर्द रहा। भाषण की शुरूआत जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल… के जय घोष से की। अपने उद्बोधन के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने १९८४ सिख दंगों का भी जिक्र किया। जेपी नड्डा किसान व सिख संगत को संबोधित करते हुए कहा कि १९८४ को सिख दंगों को उन्होंने महसूस किया है। इतने साल गुजरने के बाद भी वो लोग जेल नहीं गए थे लेकिन मोदी सरकार ने सभी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। सिख भाईयों के साथ सभी राजनीतिक दलों ने केवल राजनीति की है। सिवाए पीएम मोदी के। हरमिंद्र साहब में लंगर के सामान पर टैक्स लगता था। मोदी सरकार ने टैेक्स में छूट प्रदान की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने गुरुनानक जी की गुरबाणी और गुरुनानक जी के उपदेश पर रिसर्ज करने के लिए नेशनल इंस्टूयूट औफ इंटरफेस स्ट्डी गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी में शुरूआत की गई है। इसके अलावा केंद्र सरकार की किसानों के लिए चलाई जा रही योजना का विस्तार से जिक्र किया। इसमें किसान मानदेय योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सोयल हेल्थ कार्ड, एक हजार ई-मंडी खोलने के बारे में किसानों को जानकारी दी। कार्यक्रम में सिख समुदाय के विभिन्न संगठनों ने जेपी नड्डा को सरोपा, स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, सांसद निहालचंद मेघवाल, पूर्व मंत्री गुरजंट सिंह बराड़. सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, डॉ. रामप्रताप, भाजपा जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्रोई सहित श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले के सिख समाज के काफी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद रहे।

नड्डा ने 31 मिनट दिया धारा प्रवाह भाषण
हनुमानगढ़. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने धारा प्रवाह 31 मिनट तक अपना उद्बोधन दिया। नड्डा भगवा रंग की पगड़ी पहन कर कार्यक्रम में आए। उन्होंने अपनी बात, जो बोले सो निहाल…सत श्री अकाल के जयघोष के साथ की। नड्डा का आधा उद्बोधन सिख समाज के इतिहास, वीरगाधा और देश के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान पर रहा। शेष उद्बोधन में सिख समाज के लिए केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की ओर से किए गए कार्यों को उन्होंने गिनवाया।


राज्य की कांग्रेस सरकार पर ली चुटकी
हनुमानगढ़. राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस की राज्य सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह सिर्फ जादूगरी करते हैं, हकीकत में कुछ नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि अब ऐसे लोगों की छुट्टी कर दो। राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि यहीं हनुमानगढ़ में इनके एक नेता ने कहा था, एक, दो, तीन, चार, दस तक गिनती गिना और कर्जा माफ हो जाएगा। नड्डा ने सवाल किया कि क्या हो गया कर्जा माफ।


स्थान चयन पर उठे सवाल
हनुमानगढ़. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के अभिनंदन के लिए जाट भवन में रखा गया किसान संगत कार्यक्रम लोगों के आगमन और भीड़ के चलते छोटा पड़ गया। मंच से स्थान चयन पर सवाल भी उठे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे पूर्व मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी, विधायक गुरदीप सिंह शाहपीनी ने कहा कि स्थान छोटा रह गया। उन्होंने स्थानीय आयोजकों से मंच पर माइक के माध्यम से ही स्थान चयन को लेकर कहा कि आयोजन बड़ी जगह रखा जाना चाहिए था। पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप ने भी माना कि स्थान छोटा है लेकिन उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि शादियों के सीजन के चलते अन्य भवन बुक थे। नड्डा ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि जगह भले ही छोटी हो लेकिन यहां दिल बड़ा है।