
एनएमसी जारी कर चुकी स्वीकृति पत्र, न बिजली कनेक्शन हुआ और न ही पानी
एनएमसी जारी कर चुकी स्वीकृति पत्र, न बिजली कनेक्शन हुआ और न ही पानी
- जुलाई से शुरू होगा मेडिकल कॉलेज का पहला सत्र
हनुमानगढ़. करीब ४८ दिनों के बाद हनुमानगढ़ में मेडिकल कॉलेज शुरू होने वाला है। कॉलेज को शुरू करने को लेकर एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन टीम) हरी झंडी भी दे चुका है। लेकिन अभी तक मेडिकल कॉलेज के भवन के लिए विद्युत व पानी सप्लाई को लेकर अभी तक कार्य नहीं हो पाया है। जबकि मेडिकल कॉलेज की कमेटी इन दोनों व्यवस्थाओं को लेकर कई बार मंथन कर चुकी है। लेकिन अभी तक जीएसएस के लिए जगह का निर्धारण भी नहीं हो पाया है। वहीं हनुमानगढ़ मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष में सौ विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए वेबसाइट भी तैयार हो चुकी है। सूत्रों की माने तो निर्माण एजेंसी के भुगतान में देरी होने के कारण सबलेट एजेंसियों ने कार्य धीमा करना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार पूर्व में ४०० जनों की टीम मेडिकल कॉलेज का निर्माण करने में जुटी थी। लेकिन वर्तमान में १०० जनों की टीम ही कार्य कर रही है। गौरतलब है कि प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा टी रविकांत ने मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान विद्युत सप्लाई के लिए जीएसएस व पेयजल सप्लाई को लेकर प्रोजेक्ट शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस चौकी, धर्मशाला व रोगियों के लिए कैंटीन का निर्माण करने की भी हिदायत दी। मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर कुल ३२५ करोड़ खर्च होंगे। केन्द्र तथा राज्य सरकार के बीच 60/40 के अनुपात में लागत वहन की जाएगी। इसमें केन्द्रीयांश 195 करोड़ रुपए एवं राज्यांश 130 करोड़ रुपए है। चिकित्सा महाविद्यालय की क्षमता 100 एमबीबीएस सीट निधार्रित की गई है। इस कॉलेज में ग्राउंड फ्लोर के ऊपर तीन फ्लोर होंगे। निरीक्षण के दौरान पीएमओ डॉ. मुकेश पोटलिया, डॉ. शंकर सोनी मौजूद रहे।
मेडिकल कॉलेज से यह होगा लाभ
बाइपास वाले भवन में शैक्षणिक, रेजीडेंट, नर्सेज व इंटर्न छात्रावास, प्राचार्य निवास, शिक्षक आवास तथा खेलकूद का ग्राउंड होगा। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर की संख्या में भी इजाफा होगा। मेडिकल कॉलेज खुलने से शहर के नागरिकों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे धन व समय दोनों की बचत होगी। मेडिकल कॉलेज से हनुमानगढ़ को कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक भी मिलेंगे। वर्तमान में न्यूरो फीजिएशन व न्यूरो सर्जन नहीं होने के कारण दुर्घटना के जख्मी को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में रैफर किया जाता है। मेडिकल कॉलेज खुलने से इस तरह के रैफर केसों में काफी हद तक कमी आएगी। इसके अलावा हार्ट, ईएनटी, न्यूरो, ग्रेस्ट्रोलोजिस्ट इत्यादि चिकित्सकों की सेवाएं मिल सकेंगी। मेडिकल कॉलेज में एकेडमिक ब्लॉक की बिल्डिंग जी+3 है। जिसमें शैक्षणिक ब्लॉक ग्राउंड फ्लोर रूफ स्लैब का काम पूरा हो चुका है। इस भवन में सिविल का कार्य १०० प्रतिशत हो चुका है। इस ब्लॉक में 5 लिफ्ट होंगी। बॉयज-इंटन्र्स हॉस्टल में 225 बॉयज की क्षमता के इस हॉस्टल की बिल्डिंग जी+7 होगी। 5415 स्कवेयर मीटर में ग्राउंड कवरेज 1040 और फ्लोर हाइट 3.3 मीटर होगी। यहां पर 2 लिफ्ट लगाई जाएंगी। इसमें थर्ड फ्लोर तक रूफ लेवल कंपलीट हो चुका है।
इस तरह होगा गल्र्स होस्टल
गल्र्स हॉस्टल में २२५ जनों की रहने की व्यवस्था होगी। इसकी बिल्डिंग जी+7 बनेगी और एरिया 5415 स्कवेयर मीटर होगा। ग्राउंड कवरेज 1040 और फ्लोर हाइट 3.3 मीटर होगी। यहां पर 2 लिफ्ट लगाई जाएंगीं। इसी बिल्डिंग में 6 और 7वें फ्लोर पर इंटन्र्स गल्र्स हॉस्टल 38 की क्षमता का होगा जिसमें एरिया 1450 स्कवेयर मीटर और फ्लोर की हाइट 3.3 मीटर होगी। इसमें आरसीसी स्लैब सैकंड फ्लोर एवं फस्र्ट फ्लोर पर लेवल कंपलीट, ब्रिक वर्क सैकंड फ्लोर एवं फस्र्ट फ्लोर पर फर्श का काम चल रहा है। वहीं प्रिंसिपल रेजिडेंस, टीचिंग स्टाफ क्वार्टर- प्रिंसिपल आवास जी+1 होगा जिसका एरिया 370 स्कवेयर मीटर होगा जबकि ग्राउंड कवरेज 2250 और फ्लोर हाइट 3.3 मीटर होगी। इसमें ग्राउंड फ्लोर का काम हो चुका है। टीचिंग स्टाफ क्वार्टर 20 होंगे। बिल्डिंग जी+5 होगी और इसका एरिया 4000+800 स्कवेयर मीटर होगा। नॉन टीचिंग स्टाफ के लिए 18 व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 4 क्वार्टर होंगे।
३०० बेड के अस्पताल का निर्माण जारी
मेडिकल कॉलेज से संबंधित ३०० बेड के अस्पताल का निर्माण जारी है। इस अस्पताल के निर्माण पर १०७.०९ करोड़ रुपए की लागत आना प्रस्तावित है। इसमें आउटडोर, इंडोर व सीटी स्कैन कक्ष, एमआरआई व जांच लैब की सुविधा इसी इमारत में होगी। जानकारी के अनुसार अस्पताल के प्रत्येक फ्लोर में छह हजार स्केयर मीटर में निर्माण होगा। पांच मजिला इमारत का कुल एरिया तीस हजार स्केयर मीटर होगा। ग्राउंड फ्लोर पर रजिस्ट्रशन काउंटर, दवा वितरण केंद्र, तीस बेड का एमरजेंसी, रोडियोलोजी विभाग होगा। इस विभाग में सीटी स्कैन, एमआरआई, सोनोग्राफी की सुविधा होगी। इसके अलावा ओपीडी की भी सुविधा रहेगी। पांच मंजिला अस्पताल में रोगियों को लेजाने के लिए एलीवेटर व रैंप की सुविधा होगी। इसी तरह फस्र्ट फ्लोर में सैंट्रल लैब, प्रशासनिक ब्लॉक, फीजियोथैरेपी विभाग व सभी विभागों की ओपीडी भी होगी। दूसरी मंजिल पर ६ ओटी होगी, इसके अलावा १५ बेड का आईसीयू व सर्जरी वार्ड होगा। तीसरे व चौथी मंजिल में सभी विभागों की आईपीडी की सुविधा होगी।
Published on:
17 May 2023 01:53 pm
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